स्वार और मिलक खानम थाना क्षेत्र में आने वाले पीपली वन में रविवार को हुई मुठभेड़ में एक तस्कर गोली लगने से घायल हो गया, जिसकी बाजपुर के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। गांव वाले रात में मुठभेड़ होने की जानकारी दे रहे हैं। जबकि वनकर्मियों का कहना है कि रात में उनकी किसी से फायरिंग नहीं हुई। तस्कर कैसे गोली लगने से मरा है उन्हें नहीं मालूम। उधर, परिजनों ने तस्करी करके वन की लकड़ी काटकर बेचने के आरोपी युवक की मौत की पुलिस को सूचना दिए बिना अंत्येष्टि कर दी है।
रविवार दोपहर को पीपली वन में माता के मंदिर के पीछे कुछ लोग लकड़ी काट रहे थे। कुछ देर में फायरिंग की आवाज गरजने लगी। यह फायरिंग लकड़ी तस्करों के दो गुटों के बीच हुई या फिर वन कर्मियों के बीच यह स्पष्ट नहीं है। इस फायरिंग में जागीर सिंह मग्गू निवासी अज्जूवाला को गोली लग गई। गोली लगते ही सभी लोग वहां से खिसक लिए जबकि घायल वहीं तड़पता रहा लगभग दो घंटे बाद परिजनों को जानकारी हुई और वह मौके पर पहुंचे और उसको बाजपुर (उत्तराखंड) के निजी अस्पताल में ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को बिना सूचना के ही जागीर सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया। फायरिंग किसके बीच हुई है, यह स्पष्ट नहीं है, वन कर्मियों का कहना है कि उनकी किसी से फायरिंग नहीं हुई है। तस्करों में पेड़ काटने के विवाद में अक्सर आपस में भी गोलियां चलती रहती हैं।
पीपली वन में वन विभाग की ओर से कोई मुठभेड़ नहीं हुई है, ऐसी कार्रवाई की जाती तो अफसरों को और स्थानीय पुलिस को भी सूचना दी जाती। अक्सर तस्कर आपस में भिड़ते रहते हैं। अक्सर पीपली वन चौकी पर तैनात वनकर्मियों पर फायरिंग होती रहती है। जंगल रखना खतरे से कम नहीं है।