गाड़ियों से निकलता धुआं, ई-कचरा, रिहाइशी इलाकों में इंडस्ट्रियल सेटअप, कूड़ा-करकट व फसलों को जलाना और शहरों में बढ़ता कंस्ट्रक्शन पर्यावरण को प्रभावित कर रहे हैं। हमारे आसपास मौजूद आठ विलेन हवा को जहरीला बना रहे हैं। जिसकी वजह से रामपुर की आबोहवा जहरीली होती जा रही है और लोग घातक बीमारियों जैसे-दमा, एलर्जी के शिकार हो रहे हैं।
दिल्ली-एनसीआर के साथ ही वेस्ट यूपी तक में इसका असर साफ देखा जा रहा है। कहीं न कहीं जहरीली गैस धुआं लोगों को बीमार बना रही है। दिवाली पर छोड़े गए पटाखों के साथ ही इंड्रस्ट्रीज का धुआं भी न कहीं इसके लिए जिम्मेदार है। विशेषज्ञों का मानना है कि धुआं छोड़ते वाहन, पराली जलाने के साथ ही ई कचरे को जलाने की वजह से धुएं का गुबार वायुमंडल में बन गया है।
जानकार बताते हैं कि हवा का यही गुबार लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। यदि बारिश हो या फिर तेज हवाएं चले तभी यह गुबार हट सकता है। इसमें अभी वक्त लग सकता है।