स्मार्ट सिटी के शहरवासियों के सपने को गुरुवार को झटका लगा। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत पहले चरण में विकसित किए जाने वाले 20 शहरों के नाम की घोषणा कर दी है। इसमें रामपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश का कोई भी जिला जगह नहीं बना पाया है।
अब शेष जिलों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए आने वाले दो साल में चयन होगा। स्मार्ट सिटी में शामिल शहरों के नामों की घोषणा के साथ ही लाखों शहरवासियों का पहले चरण में शामिल होने का सपना भी टूट गया है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत नवंबर माह से शुरू हुई प्रक्रिया में प्रतियोगिताओं, बुद्धिजीवियों से लेकर शहरवासियों तक से परामर्श लेकर प्लान तैयार किया गया। वोटिंग की प्रक्रिया भी अपनाई गई। दिसंबर माह में प्रपोजल तैयार कर केंद्र सरकार को सौंपे गए।
गुरुवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैकेंया नायडू ने पहले चरण में शामिल हुए 20 शहरों के नामों का एलान कर दिया। इसमें रामपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश को कोई जिला शामिल नहीं है। स्मार्ट सिटी के लिए अपने शहर का नाम चयनित न होने से शहरवासियों की उम्मीदों को झटका लगा है।
शहरवासियों में स्मार्ट सिटी के नामों की घोषणा के बाद मायूसी है। कोई नागरिकों की सहभागिता को लेकर दिलचस्पी न लेने को कारण बता रहा है तो कोई अधिकारियों की ओर से समय से पर्याप्त प्रचार-प्रसार न करने और सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रयास न किए जाने को वजह बता रहा है। फिलहाल पहले 20 स्मार्ट सिटी को लेकर फैसला लिया जा चुका है और इसमें रामपुर को शामिल नहीं किया गया है।