रामपुर। डूंगरपुर बस्ती को खाली कराने के एक और मामले में कोर्ट ने बुधवार को सपा नेता आजम खां और रिटायर्ड सीओ आले हसन समेत छह आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया, जबकि दो आरोपियों पर अभी फैसला आना बाकी है। सपा नेता आजम की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई, जबकि पांच अन्य आरोपी कोर्ट में पेश हुए। इस केस में नौ आरोपियों में से एक की मौत हो चुकी है।
साल 2019 में गंज थाने में सपा नेता आजम खां के खिलाफ डूंगरपुर बस्ती को खाली कराने के नाम पर मारपीट, लूटपाट समेत अन्य धाराओं में 12 मामले गंज थाने में दर्ज कराए गए थे। इसमें से पांच मामलों में फैसला आ चुका है। बुधवार को छठे मामले में फैसला सुनाया गया। गंज थाने में दर्ज इस छठे मामले में सपा नेता आजम खां को आपराधिक साजिश रचने का आरोपी बनाया गया था। मामले में आजम खां सहित कुल नौ आरोपी बनाए गए थे। ट्रायल के दौरान एक आरोपी सज्जाद की मौत हो गई थी। कोर्ट ने बुधवार को छह लोगों पर अपना फैसला सुनाया। इस मामले में कोर्ट 23 जुलाई को बहस पूरी कर चुकी थी। बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट सेशन ट्रायल डाॅ. विजय कुमार ने सपा नेता आजम खां, रिटायर्ड सीओ आले हसन, ठेकेदार बरकत अली, अब्दुल्ला परवेज शमसी, इमरान खां, इकराम खां को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया, जबकि इस मामले में आरोपी बनाए गए दरोगा फिरोज खां और सीएंडडीएस के अधिशासी अभियंता परवेज आलम की पत्रावली अलग होने के कारण इनका फैसला आना बाकी है।
क्या है मामला
स्वार थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने गंज थाने में 21 अगस्त 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि छह दिसंबर 2016 को तत्कालीन सीओ आले हसन, ठेकेदार बरकत अली, दरोगा फिरोज खां, परवेज आलम, इमरान खां, इकराम खां, अब्दुल्ला परवेज शमसी और सज्जाद ने एक राय होकर उसके घर में आए और उनकी पत्नी के साथ छेड़खानी की। साथ ही फायरिंग भी की। मारपीट की साथ ही बीस हजार रुपये नकद व जेवरात भी लूट लिए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
अभियोजन की ओर से 12 जबकि बचाव पक्ष ने पेश किए दो गवाह
अभियोजन की ओर 12 गवाहों को पेश किया गया, लेकिन 12 गवाह भी आरोपियों पर जुर्म साबित नहीं कर पाए। डूंगरपुर के इस मामले में अभियोजन की ओर से वादी मुकदमा समेत 12 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया था। छेड़खानी की शिकार हुई पीड़ित महिला के भी बयान हुए। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि गवाहों के साक्ष्य में विरोधाभास होने की वजह से आरोपियों को दोष मुक्त किया गया है, जबकि बचाव पक्ष की ओर से महज दो गवाहों को ही पेश किया गया।
चार में बरी और दो में हो चुकी है सजा
डूंगरपुर से जुड़े 12 मामलों में से अदालत छह मामलों में अब तक अपना फैसला सुना चुकी है। अदालत इस तरह के चार मामलों में सपा नेता आजम खां को बरी कर चुकी है, जबकि दो मामलों में आजम खां को सजा सुना चुकी है। सपा नेता आजम खां 18 अक्तूबर 2023 से सीतापुर जेल में सजा काट रहे हैं।
डूंगरपुर के एक मामले में सपा नेता आजम खां समेत अन्य छह आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है। इस मामले में दो आरोपियों की फाइल अलग कर दी गई है। इन पर अभी फैसला आना बाकी है। - नासिर सुल्तान, अधिवक्ता बचाव पक्ष