रामपुर। जौहर यूनिवर्सिटी में किसानों की जमीन कब्जाने को लेकर दर्ज मुकदमों की जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच दल) ने निलंबित लेखपाल के घर छापा मारा। इस दौरान लेखपाल तो घर पर नहीं मिले, लेकिन उनके घर से पुलिस को अहम दस्तावेज मिले हैं। सभी दस्तावेज पुलिस अपने साथ ले आई है। यह कार्रवाई करीब दो घंटे जारी रही। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
समाजवादी पार्टी के नेता एवं सांसद आजम खां इन दिनों मुश्किलों में हैं। अब तक उनके खिलाफ 83 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इसमें किसानों की जमीन पर कब्जा कर जौहर यूनिवर्सिटी में मिलाने से लेकर तमाम गंभीर आरोप हैं। लिहाजा, आजम खां से जुड़े मामलों की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय स्तर पर एसआईटी का गठन कर दिया। फिलहाल, एसआईटी जमीन संबंधी मामलों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि लेखपाल आनंदवीर की भूमिका भी संदिग्ध रही है। चकरोड की जमीन जौहर ट्रस्ट को विनिमय के आधार पर दिए जाने के मामले में कमिश्नर ने एसडीएम टांडा के आदेश को खारिज कर दिया था। उन्होंने इस मामले में संलिप्त अधिकारियों खासतौर पर लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। उनके आदेश के बाद जिलाधिकारी ने लेखपाल आनंदवीर को निलंबित कर दिया था। कुछ दिन पहले निलंबित लेखपाल से पुलिस ने पूछताछ भी की थी।
गुरुवार को इस मामले लेकर एसआईटी ने उप जिलाधिकारी सदर प्रेमप्रकाश तिवारी के साथ लेखपाल आनंदवीर के घर छापा मारा की। पुलिस फोर्स लेखपाल के घर में दो तरफ से घुसी थी, लेकिन पुलिस को लेखपाल घर नहीं मिले। इसके बाद अफसरों ने परिजनों से पूछताछ की। तलाशी ली, जहां जमीनों से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज मिले हैं। करीब दो घंटे तक यह कार्रवाई जारी रही। इस दौरान घर के बाहर बड़ी तादाद में फोर्स मौजूद रही। इस दौरान तहसील का अन्य स्टाफ भी मौजूद रहा।