कई दिनों से सुलग रहा माहौल बृहस्पतिवार को तब गर्मा गया जब धर्मस्थल के एलान के बाद लोग दरगाह परिसर में इकट्ठे हुए और पुनर्निर्माण करने लगे। पुलिस ने जब रोका तो गुस्साई भीड़ के साथ तीखी झड़प हुई। भीड़ को भगाने के लिए पुलिस ने धक्का देना शुरू किया तो भगदड़ मच गई। बवाल की आशंका में दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने शुरू हो गए।
नगर में हाईवे पर स्थित हजरत नन्हें शाह मियां की दरगाह के पुनर्निर्माण का कई महीने से निर्माण चल रहा था। सरकार बदलते ही दरगाह के पुनर्निर्माण के विरोध में विहिप ने उपजिलाधिकारी और नगर पालिका परिषद से शिकायत की। आरोप है कि निर्माण नगर पालिका की भूमि पर अवैध रूप से कराया जा रहा है। इस पर पालिका प्रशासन ने पुलिस फोर्स के साथ पुनर्निर्माण रोक दिया था। जिसको लेकर मामला तूल पकड़ गया। मुसलिम समाज भड़क गया। दरगाह कमेटी ने उपजिलाधिकारी से मिलने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मिल पाए।
गुस्साया मुसलिम समाज दरगाह परिसर में रोके गए निर्माण को उस समय शुरू करने पहुंच गया। जब नगर की जामा मसजिद से दरगाह परिसर में एकत्र होने का एलान किया गया। इस पर दरगाह परिसर में तमाम भीड़ एकत्र हो गई।
मामला तूल पकड़ने लगा। जिस पर पुलिस और प्रशासन दरगाह परिसर पहुंच गया। बवाल की आशंका में नगर में भगदड़ मच गई और अफरा-तफरी के बीच दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिर गए और पलक झपकते ही बाजार बंद हो गया। जिस पर हाईवे और मेन बाजारों में सन्नाटा पसर गया। दरगाह परिसर में तहसीलदार अशोक कुमार सिंह और कोतवाल आर.बी. कौल तमाम फोर्स के साथ पहुंच गए। निर्माण में लगे लोगों को बमुश्किल रोका गया।
उनका कहना था कि निर्माण से पहले बातचीत के जरिए हल निकाला जाए, लेकिन भीड़ सुनने को तैयार नहीं थी। उसका कहना था कि दरगाह वर्षों पुरानी है। जर्जर हालत होने पर पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। इसको हिंदू नेताओं के इशारे पर गलत तरीके से रोका गया है। भीड़ के कारण स्थानीय पुलिस और प्रशासन के पसीने छूट गए। यहां पर भीड़ के साथ महिलाएं और बच्चे जमा थे। पुलिस ने यहां से भीड़ को हटाने की कोशिश की। जिस पर भीड़ और पुलिस की कई बार झड़पें हुईं। इस बीच जिले के कई थानों की पुलिस और पीएसी तथा सीओ यहां पर पहुंच गए। पुलिस ने भीड़ को हटने को कहा लेकिन वह हटने को तैयार नहीं हुई। पुलिस का कहना था कि तहसील में कमेटी के लोग पहुंच जाएं। जहां पर एडीएम और एसडीएम से वार्ता की जाएगी लेकिन भीड़ का कहना था कि अफसरों को यहां पर बुलाया जाए।
भीड़ के अड़े रहने पर फोर्स ने जमा भीड़ को खदेड़कर दरगाह परिसर में एक तरफ कर दिया। जिस पर जमकर झड़प हुई। भीड़ और फोर्स में टकराव की आशंका बढ़ गई। इस बीच हंगामा होता रहा। बाद में कमेटी के कुछ लोग तहसील में एसडीएम लालताप्रसाद शाक्य के यहां पहुंचे। एडीएम तथा सीओ सिटी दिनेश कुमार शुक्ला समेत कई अफसरों के बीच दोनों पक्षों की वार्ता हुई। जिसमें पालिकाध्यक्ष दीक्षा गंगवार और कमेटी के सदर अजीम मलिक, हरिओम अग्रवाल आदि शामिल हुए और सशर्त समाधान निकाला गया। तब पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली। एहतियातन अभी भी पुलिस तैनात है।