छठी महोत्सव में कंस वध की लीला का मंचन किया गया। कंस वध के साथ ही श्रद्धालुओं के जयघोष से पंडाल गूंज उठा। इससे पहले कंस की ओर से कान्हा को न्योता भेजे जाने, पुष्प होली आदि लीलाओं का भी मंचन किया गया।
कृष्णा विहार में चल रहे 11वें छठी महोत्सव में मंगलवार को कंस वध लीला का मंचन किया गया। मुख्य अतिथियों ने श्री बांके बिहारी का तिलक कर आरती के साथ लीला मंचन की शुरुआत की। कमेटी पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए। इसके बाद लीला मंचन शुरू हुआ, जिसमें सबसे पहले श्रीकृष्ण भक्ति की महिमा की लीला का मंचन किया गया।
इसके बाद हनुमान दर्शन की लीला का मंचन किया गया। इसके बाद लीला का मंचन करते हुए दर्शाया गया कि कंस को जानकारी हुई उसके द्वारा भेजे गए असुरों का वध श्रीकृष्ण कर रहे हैं और उनके हाथों ही उसका भी वध होगा। जिस पर कंस साजिश के तहत अक्रूर को श्रीकृष्ण के पास मथुरा आने का न्यौता लेकर भेजता है। मथुरा आकर श्रीकृष्ण द्वारा गजराज और कंस का वध किया जाता है।
कंस का वध होते ही श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष लगाने शुरू कर दिए। इस मौके पर रवि किशन सक्सेना, इमरान खान, राज सक्सेना, अंकित सिंह, अमन, चुनमुन सिंह, रमेश सक्सेना, आशीष सक्सेना, सुरेंद्र सैनी, किशाना दिवाकर, रिंकू सिंह, सुनीला सिंह, जावित्री सहायक, भावना सिंह, डोली सक्सेना,गोधन दिवाकर, हिमांशु यादव आदि मौजूद रहे।