विशेष बाल श्रमिक विद्यालय 31 मार्च को बंद कर दिए जाएंगे। जैसे-जैसे बंदी का समय नजदीक आ रही है कर्मचारियों में बैचेनी बढ़ती जा रही है। श्रमिक मानदेय के साथ समायोजन की भी मांग कर रहे हैं। राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना के तहत जिले मे 67 विशेष बाल श्रमिक विद्यालय चल रहे हैं।
सरकार कई बार विद्यालय बंद करने का फैसला ले चुकी हैं। अंतिम फैसले के मुताबिक बाल श्रमिक विद्यालय 31 मार्च 2016 को बंद हो जाएंगे। जैसे-जैसे बंदी का समय नजदीक आ रहा है विद्यालयों के कर्मचारियों में बेचैनी भी बढ़ती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर कर्मचारियों की अंबेडकर पार्क में हुई।
बैठक में समायोजन की मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना था कि वे 10 साल से कार्यरत हैं। उनकी उम्र भी ज्यादा हो गई है। ऐसे में सरकारी नौकरी मिलना मुश्किल है। विद्यालय बंद होने पर रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा। कर्मचारियों ने विद्यालय बंद होने की स्थिति में शिक्षा विभाग में समायोजित करने की मांग की।
साथ ही रुका मानदेय भी मांगा। बाद में नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां को ज्ञापन दिया। बैठक में जरीना बी, हेमलता पांडे, सत्यपाल, कौसर, खदीजा बी, दौलत सिंह अली खां, शाहिदा बी, अफसाना, जीनत बी, निगहत हामिद, माला अग्रवाल, फरहाना, अजरा, राजेश्वरी, नदीम, अफसर, मो. असलम, मो. आसिम, मो. यूसुफ, इमरान यूसुफ मौजूद रहे।