रामपुर। शौकत अली मार्ग पर स्थित राम-रहीम पुल के समीप 40 दुकानदारों को झटका लगा है। सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी है। यह फैसला दोनों पक्षों के वकीलों ने बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने सुनाया।
इन दुकानों को नगर पालिका खाली कराना चाहती है। पाॅच माह पहले इसके लिए दुकानदारों को नोटिस दिए गए थे। तब 27 दुकानदार कोर्ट चले गए थे। दुकानदारों का कहना था कि पालिका का यह कार्य गैरकानूनी है। वह पिछले 40-45 वर्षों से नगर पालिका की दुकानों को किराए पर ले रखे हैं और उनके पास रसीद, बिजली का बिल सहित कई दस्तावेज हैं। नगर पालिका दुकानों से गैर कानूनी तरीके से उन्हें बेदखल करना चाहती है, जबकि उनके पूर्वज 40 वर्षों से विधिक किराएदार हैं और संबंधित दुकानों में काबिज होकर व्यापार भी कर रहे हैं। इसलिए व्यापारियों ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया था कि बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए उन्हें नगर पालिका बेदखल न करे। कोर्ट से दुकानदारों के पक्ष में स्टे हो गया था। बाद में 11 अप्रैल को सिविल जज सीनियर डिविजन के न्यायालय से नगर पालिका के पक्ष में आदेश हो गया। आदेश में कहा गया कि दुकानदार 15 दिन में दुकनों को खाली कर दें। इस आदेश के खिलाफ दुकानदारों ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी। पिछले सप्ताह अपील पर बहस पूरी हो गई थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि अपील पर बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए दुकानदारों की अपील खारिज कर दी।
सपा नेता आजम के खिलाफ तय नहीं हुए आरोप
रामपुर। क्वालिटी बार मामले में सपा नेता आजम खां के खिलाफ आरोप तय नहीं हो सके। इस मामले की सुनवाई अब नौ मई को होगी। क्वालिटी बार मामले में आज गवाह गगन अरोड़ा को आना था साथ ही आरोप भी तय होने थे। लेकिन गवाह गगन अरोड़ा नहीं पहुंचे, जिस पर कोर्ट ने उन्हें गवाही का अंतिम अवसर दिया है। इस वजह से आरोप भी तय नहीं हो सके। वहीं दूसरी ओर यतीमखाना मामले में भी सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले में भी नौ मई को सुनवाई होगी।