जिला ग्राम्य विकास अभिकरण शासी निकाय की बैठक में जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचे। कई अधिकारी भी नदारद रहे। मीटिंग का कोरम पूरा कराने के लिए कई लोगों को फोन करके बुलाया गया। एजेंडे के भी सिर्फ एक बिंदु पर चर्चा की गई और उसी बिंदु का अनुमोदन कर दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने नहर और समाज कल्याण विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
चालू वित्त वर्ष में जिला गाम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) शासी निकाय की आखिरी बैैठक में चमरौवा, बिलासपुर, मिलक के ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत की सभी छह समितियों के सभापति और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। बैठक में सिर्फ चमरौवा ब्लाक प्रमुख ममता, जिला पंचायत सदस्य रजनी और एमएलसी डा. जयपाल सिंह व्यस्त के प्रतिनिधि के रूप में अजय तिवारी पहुंचे। कई अधिकारी भी नदारद रहे। कुछ को बाद में फोन करके बुलाया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष लाखन सिंह की अनुमति के बाद परियोजना निदेशक लक्ष्मण प्रसाद ने इंदिरा आवास, लोहिया आवास, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की जानकारी दी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने डीआरडी के कर्मचारियों की पदोन्नति का जिक्र कर अनुमोदन किए जाने की बात कही। नहर विभाग और समाज कल्याण विभाग की कार्यशैैली पर सवाल उठाए। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्रों को ही मिलना चाहिए।