रामपुर। फरीदाबाद की युवती का धर्म परिवर्तन कराकर शादी करने और फिर उसको जान से मार देने के सात साल पुराने मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराए गए सलीम को सात साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। यह मामला फरीदाबाद और रामपुर के गंज थाने से जुड़ा हुआ है।
गंज थाने में वर्ष 2019 में दहेज की मांग पूरी न होने पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि फरीदाबाद की युवती का धर्म परिवर्तन कराकर काशीपुर आंगा निवासी सलीम ने निकाह कर लिया और फिर उसकी हत्या कर दी थी। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था, जिस पर कोर्ट ने शनिवार को सलीम को दोषी ठहरा दिया था। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) प्रमोद सागर के मुताबिक कोर्ट ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई की और फिर इस मामले में आरोपी सलीम को सात साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
यह है मामला
फरीदाबाद के एसजीएम नगर थाना क्षेत्र की बड़कल झील निवासी बीना देवी ने गंज थाने में 22 नवंबर 19 को एसपी को प्रार्थना पत्र देकर अपनी बेटी का अपहरण करने, धर्म परिवर्तन कराकर उसको गायब कर देने और उसकी हत्या करने का आरोप लगाया था। उनका यह भी आरोप था कि सलीम ने धर्म परिवर्तन कराया और फिर निकाह भी किया। निकाह के बाद दहेज की मांग पूरी न होने पर उनकी बेटी को मार दिया गया। एसपी के आदेश पर गंज थाने में पुलिस ने गंज थाना क्षेत्र के काशीपुर आंगा निवासी सलीम और उसके दो भाइयों इस्लाम व असलम के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश की और फिर इस मामले की विवेचना करते हुए सलीम के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
कब्र से निकाला गया था युवती का शव
रामपुर। एडीजीसी प्रमोद सागर के अनुसार दर्ज कराई गई एफआईआर में शव न मिलने की बात कही गई थी, जिस पर पुलिस ने युवती के शव को कब्र से निकलवाया था। पुलिस ने कंकाल का पोस्टमार्टम कराया था।
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फरीदाबाद में किराए के मकान में रहते थे सलीम और माला
रामपुर। फरीदाबाद की बीना देवी की ओर से दर्ज कराए गए मामले में कहा गया था कि वह अपनी बेटी के साथ फरीदाबाद में रहती थीं। इसी मकान में सलीम अपने भाइयों के साथ रहता था। यहीं से उनकी बेटी गायब हो गई थी। साथ ही घर के जेवरात व कैश भी ले गई थी। उसकी काफी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली।
माला से निशा बन गई थी युवती
रामपुर। फरीदाबाद से अपहरण कर लाई गई युवती का पहला नाम माला था, लेकिन जब उसका धर्म परिवर्तन कराया गया तो वह माला से निशा बन गई। बीना देवी के अनुसार निशा को परिजनों ने काफी तलाशा लेकिन वह नहीं मिल सकी।
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