सपा नेता आजम खां को शत्रु संपत्ति से जुड़े तीन मुकदमों की एक साथ सुनवाई कराने के मामले में राहत नहीं मिली है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने तीनों मुकदमों की संयुक्त रूप से सुनवाई कराने के लिए दाखिल प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। इससे पहले मई में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट भी इसी मांग को खारिज कर चुका है।
शत्रु संपत्ति से जुड़े ये तीनों मामले वर्ष 2020 में दर्ज किए गए थे। इनमें एक मामला सिविल लाइंस थाने और दो मामले अजीमनगर थाने से संबंधित हैं। सिविल लाइंस थाने में रिकॉर्ड रूम प्रभारी फरीद अहमद की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि आजम खां ने धोखाधड़ी कर रिकॉर्ड रूम के अभिलेखों में छेड़छाड़ की। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
वहीं, अजीमनगर थाने में दर्ज अन्य दो मुकदमे जौहर यूनिवर्सिटी के लिए शत्रु संपत्ति पर कब्जा करने के आरोपों से जुड़े हैं। इन मामलों में पुलिस ने अपनी कार्रवाई की थी। तीनों मुकदमों की सुनवाई एक साथ कराने के लिए आजम खां की ओर से अपने अधिवक्ता के माध्यम से एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। इस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। एडीजीसी सीमा राणा के अनुसार एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने सुनवाई के बाद प्रार्थना पत्र को निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
मई में मजिस्ट्रेट कोर्ट खारिज कर चुका है प्रार्थना
इससे पहले मई 2026 में निचली एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट से भी इसी तरह की राहत नहीं मिल सकी थी। अब तीनों मुकदमों की सुनवाई एक साथ कराने की मांग दोनों अदालतों से खारिज हो चुकी है।
क्ववालिटी बार मामले में पेश नहीं हुआ गवाह
क्ववालिटी बार को कब्जाने के मामले में शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। सिविल लाइंस थाने में दर्ज मामले में इस मामले के गवाह एवं बार संचालक गगन अरोड़ा को कोर्ट में पेश होना था,लेकिन वह पेश नहीं हुए। अब इस मामले की सुनवाई 31 अक्तूबर को होगी।