दढ़ियाल-टांडा के क्षत्रिय कुलभूषण महाराणा प्रताप इण्टर कॉलेज सरकथल में
आयोजित तीन दिवसीय स्काउट गाइड शिविर का समापन हो गया। इसके अंतिम दिन
स्काउट वर्ग में महाराजा पृथ्वीराज चौहान, गाइड वर्ग में मयूरी टोली ने
प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि ने स्काउट का शाब्दिक
अर्थ बताते हुए इसे जीवन जीने की एक कला बताया। वहीं जनता महाविद्यालय
पीपली नायक में चल रहे रोवर्स रेंजर्स शिविर शनिवार को संपन्न हो गया। इस
दौरान छात्र-छात्राओं ने रंगोली, टेंट के अलावा आग बुझाने के तरीकों को
सीखा।
ग्राम सरकथल स्थित क्षत्रिय कुलभूषण महाराणा प्रताप इण्टर कॉलेज
और रेनबो इण्टर कॉलेज सीकमपुर के संयुक्त रूप से चल रहे शिविर में अंतिम
दिन जिला प्रशिक्षक प्रेमपाल सिंह ने स्काउट गाइड को नियम, प्रीतिज्ञा,
झंडा गीत, सैल्यूट, मीनार बनाना, दिशाओ का ज्ञान, बिना बर्तन के भोजन
बनाना, टेंट व रंगोली बनाना आदि की विस्तृत जानकारी दी।
छात्र-छात्राओं ने
टेंट बनाने के साथ स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए। टेंट का निरीक्षण गोपाल
सिंह व राजीव कुमार के निरीक्षण के पश्चात स्काउट वर्ग में महाराजा पृथ्वी
राज चौहान टोली व गाइड वर्ग में मयूरी टोली को प्रथम स्थान दिया गया।
वहीं,
रंगोली प्रतियोगता में पंडित जवाहरलाल नेहरू टोली तथा भोजन प्रतियोगता में
रानी लक्ष्मीबाई टोली ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन
किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्रबंधक सुरेश सिंह चौहान ने कहा कि इससे
हमें बाहरी जीवन में कठिन समस्याओं का समाधान करने में सहायता मिलती है।
उन्होंने में स्काउट को जीवन जीने की एक कला बताया। इस अवसर पर विद्यालय के
प्रधानाचार्य राजवीर सिंह समेत दोनों कॉलेज के समस्त अध्यापक अध्यापिका
मौजूद रहे। वहीं जनता महाविद्यालय पीपली नायक में चल रहे तीन दिवसीय रोवर
रेंजर शिविर का शनिवार को समापन हो गया।
इस दौरान प्रशिक्षक ऋषिपाल सिंह
द्वारा कॉलेज के छात्र-छात्राओं को रंगोली व टेंट के अलावा आग बुझाने के
तरीको की जानकारी दी गयी। मुख्य अतिथि के रूप में आये त्रिवेणी चीनी मिल के
सहायक महाप्रबंधक अमेज कुमार सिंह व कॉलेज प्रबंधक यशपाल सिंह ने टेंटों
का निरीक्षण किया|
शिविर में निरीक्षण के पश्चात प्रथम स्थान कोयल टोली को
दिया गया जबकि दूसरे स्थान पर टाइगर टोली व तीसरे स्थान पर इंदिरा टोली को
दिया गया। इस मौके पर जनता इण्टर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्रीपाल सिंह, जीवन
सिंह, होशियार सिंह, वेदपाल सिंह, डॉक्टर नरेंद्र सिंह, रोहताश सिंह,
राजेन्द्र सिंह, पवित्रा शर्मा आदि रहे।