समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की स्थिति साफ हो जाने के बाद रामपुर की बिलासपुर सीट कांग्रेस के खाते में चली गई है। यानी अब यहां से मौजूदा विधायक संजय कपूर ही गठबंधन सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे। इस गठबंधन से सपा की दावेदार बीना भारद्वाज व उनके समर्थकों को जबर्दस्त झटका लगा है क्योंकि उनका नाम पिछले तीन सूचियों में शामिल था। गठबंधन के बाद स्वार सीट सपा के ही खाते में चली गई है। यहां पर अब सपा से नगर विकास मंत्री आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम चुनाव लड़ेंगे।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच रविवार को देर शाम समझौता हो गया। इस गठबंधन के बाद रामपुर के कांग्रेसियों और सपाइयों दोनों को झटका लगा है। गठबंधन के तहत जिले की बिलासपुर सीट कांग्रेस के खाते में चली गई है, जबकि स्वार सीट सपा के खाते में ही रहेगी। कांग्रेस स्वार सीट पर भी अपनी दावेदारी ठोंक रही थी, लेकिन अब कांग्रेस को बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र की सीट ही मिली है। यहां पर अब मौजूदा विधायक संजय कपूर ही चुनाव लड़ेंगे। विधानसभा चुनाव के लिए संजय कपूर के साथ ही उनके समर्थकों में उस वक्त मायूसी छा गई थी जब गठबंधन की चर्चाओं के बीच सपा ने इस सीट से बीना भारद्वाज का नाम घोषित कर दिया था। एक नहीं बल्कि तीन दफा इनका नाम घोषित हुआ, जिसके बाद कांग्रेसी मायूस थे। मगर चुप्पी साध रखी थी।
अब गठबंधन की स्थिति साफ हो जाने के बाद बिलासपुर की सीट कांग्रेस के खाते में चले जाने के बाद कांग्रेसी खुश हैं, लेकिन अब सपा खेमे में मायूसी छा गई है। खासतौर से बिलासपुर क्षेत्र से सपा के टिकट की दावेदारी कर रही बीना भारद्वाज के समर्थकों में जबर्दस्त निराशा है। इस फैसले ने उनको जबर्दस्त झटका दिया है। इसके अलावा जिले की अन्य सीटों पर दावेदारी जताने वाले कांग्रेसी नेताओं के हाथ भी मायूसी लगी है।