रामपुर। लाइन की मरम्मत करते समय करंट की चपेट में आने से विद्युत संविदा कर्मी की मौत हो गई। संविदा कर्मी की मौत के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों ने इसके लिए बिजलीघर पर तैनात जेई को दोषी ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बिजली अफसरों के आश्वासन देने के बाद परिजन शांत हुए।
शनिवार की सुबह करीब 9.30 बजे डूंगरपुर बिजलीघर में लाइनमैन के पद पर तैनात विद्युत संविदा कर्मी आरिफ अली पुलिस लाइन के सामने पोल पर सीढ़ी लगाकर 11 केवीए की लाइन के जंफरों की मरम्मत कर रहे थे। उनके साथी अन्य संविदा कर्मी नीचे खड़े थे। मरम्मत के दौरान अचानक करंट आने से संविदा कर्मी की चीख निकल गई और वह सीढ़ी से जमीन कर गिर गए। हादसे की सूचना मिलने पर डूंगरपुर बिजलीघर के जेई राहुल रंजन अन्य कर्मचारियों की मदद ने उसे जिला अस्पताल ले गए। जहां हालत नाजुक होने पर उसे मुरादाबाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद जेई और अन्य विद्युत कर्मी शव को लेकर रामपुुर जिला अस्पताल पहुंच गए। हादसे में हुई संविदा कर्मी की मौत की सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंचे परिजनों ने हंगामा करना शुरु कर दिया। परिजनों ने इसके लिए सीधे डूंगरपुर बिजलीघर के जेई को जिम्मेदार ठहराया। मृतक के छोटे भाई अशरफ का आरोप था कि हादसे के दो घंटे बाद परिजनों को सूचना दी गई। करीब चार घंटे तक परिजन पोस्टमार्टम कराने का विरोध करते रहे। जिला अस्पताल पहुंचे विद्युत निगम के एसडीओ विनय कुमार ने परिजनों को समझाया और दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देने के बाद परिजन बमुश्किल राजी हुए। इसके बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। मृतक के परिजनों की तरफ से डूंगरपुर बिजलीघर के जेई के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गंज थाने में तहरीर दी गई है।
---------------
डेढ़ माह में दूसरी मौत
पांच मई को पुलिस लाइन के सामने लाइन ठीक करते समय विद्युत कर्मी गेंदालाल की भी करंट की चपेट में आन के बाद खंभे से नीचे गिरकर मौत हो गई थी। जिसके बाद जेई राहुल रंजन और बिजलीघर के एसएसओ महफूज मियां के खिलाफ परिजनों ने घटना में जिम्मेदार मानते हुए एफआईआर कराई थी।
------------
बिजलीघर की आपूर्ति थी बंद, फिर कैसे आया करंट
जिस समय संविदा कर्मी लाइन पर काम कर रहे थे। उस समय तेज हवा के होने के कारण पूरे बिजलीघर की विद्युतापूर्ति बंद थी। फिर लाइन में कहां से करंट आया। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता प्रथम भीष्म कुमार तोमर ने बताया कि संभवत: लाइन में बैक करंट आने से हादसा हुआ है। फीडर की स्क्रीनिंग कराने के बाद ही हादसे के वक्त फीडर में करंट था कि नहीं, इसकी जानकारी हो सकेगी।
-----------
परिजनों को मिलेगा पांच लाख मुआवजा
हादसे में मौत होने के बाद संविदा कर्मी आरिफ अली के परिजनों को विभाग की ओर से पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। जबकि दो लाख रुपये विद्युतकर्मी अपने पास से एकत्र कर परिजनों को सौंपेंगे। जल्द ही मुआवजे की राशि परिजनों को दी जाएगी।
--------
--बयान--
झील में लगे जेनरेटर से लाइन में बैक करेंट आने की आशंका है। क्योंकि जिस समय संविदा विद्युत कर्मी लाइन की मरम्मत कर रहा था उस समय डूंगरपुर बिजलीघर की सप्लाई बंद थी। जब लाइन को फिर से चेक किया गया तो उसमें करंट आ रहा था। देखा गया कि पास ही कस्तूरबा गांधी पक्षी उद्यान में बनी झील के पास चल रहे जेनरेटर से विद्युतापूर्ति की जा रही है। जब जेनरेटर को बंद करके लाइन चेक की गई तो लाइन में करंट नहीं था। जेई की ओर से जेनरेटर चलाने वाले ठेकेदार के खिलाफ गंज थाने में तहरीर दी गई है। भीष्म कुमार तोमर, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम
-