रामपुर। टांडा में निर्माणाधीन डिग्री कालेज में प्रयुक्त की जा रही सामग्रियों में ईंटों के कई सैंपल फेल हो गए हैं। पीडब्ल्यूडी की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है। हालांकि, अब लोक निर्माण विभाग की ओर से ईंटों समेत अन्य सामग्रियों की जांच कराने के लिए सैंपल क्षेत्रीय प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
ग्राम लांबाखेड़ा में 8.27 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय मॉडल डिग्री कालेज का निर्माण हो रहा है। 2016 से बन रहे इस कालेज का निर्माण सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) की ओर से कराया जा रहा है। 19 फरवरी को तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह निर्माणाधीन कालेज का निरीक्षण किया था, इसके बाद बिल्डिंग में लगाई गई ग्रिल सहित विभिन्न सामग्रियों में काफी कमियां मिलीं थीं। उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। साथ ही मामले की विस्तृत जांच के लिए टीम गठित कर दी थी। इसमें लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसके वर्मा तीन अधिकारी शामिल किए गए थे। उन्होंने मौके पर जाकर कई सामग्रियों के सैंपल लिए थे। इसमें ईंटों के कुछ सैंपलों की जांच रामपुर में ही स्थित विभागीय प्रयोगशाला में कराई गई, जिसमें से अधिकांश ईंटों के नमूने फेल हो गए हैं। इनमें ईंटों की मजबूती, मोटाई, सफाई आदि ठीक नहीं मिली है। जांच के रिजल्ट सामने आने के बाद अब लोक निर्माण विभाग की ओर से क्षेत्रीय प्रयोगशाला मेरठ से भी ईंटों के नमूनों की जांच करा रहा है। हालांकि, बजरफुट, सीमेंट, कंक्रीट आदि नमूने पहले ही जांच के लिए मेरठ भेज दिए गए थे। अधिशासी अभियंता एसके वर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया भवन निर्माण में काफी कमियां नजर आ रही थीं, इसके बाद ही सामग्रियों के नमूने लिए गए थे। इनमें ईंटों की जांच रामपुर प्रयोगशाला में कराई गई थी, जिसमें से अधिकांश नमूने फेल हो चुके हैं। हालांकि, अभी जांच मेरठ स्थित विभाग की क्षेत्रीय प्रयोगशाला से भी कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि स्थानीय जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजने के बाद मेरठ से आने वाली जांच रिपोर्ट को भी समाहित करते हुए अंतिम जांच रिपोर्ट दी जाएगी।