दिगंबर जैन समाज की ओर से आयोजित जैन मंदिर में श्रेष्ठ सागर जी महाराज का विनयांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उनके जीवन पर प्रकाश डालकर जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।
शहर के मुहल्ला फूटा महल स्थित दिगंबर जैन मंदिर में समाधिस्थ मुनि श्रेष्ठ सागर जी महाराज का विनयांजलि व समाधि महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया। आचार्य 108 वासूपूज्य सागर महाराज के शिष्य समाधिस्थ मुनि श्री श्रेष्ठ सागर जी महाराज का विनयांजलि व समाधि महोत्सव के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि मुनि श्रेष्ठ सागर जी महाराज का गृहस्थ नाम रतन चंद्र जैन था।
वह जैन इंटर कालेज में हिंदी प्रवक्ता के पद पर कार्यरत थे। जून 2006 में रिटायर्ड होने के बाद उन्होंने अपना जीवन साधु चरणों में लगा दिया। 25 दिसंबर 2016 को मुनि श्रेष्ठ सागर जी महाराज ने मध्यप्रदेश के मुल्लाई जिला बेरूल में ली। इस मौके पर दीप प्रज्वलन के बाद मंगल चरण का कार्यक्रम हुआ। भजन भी पेश किए। इस मौके पर समर्पण सागर जी महाराज ने उनके बताए हुए आदर्श को अपनाने पर जोर दिया।
इस मौके पर तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखर जी के तीर्थ यात्रियों का सम्मान किया गया। इस मौके पर अध्यक्ष दिनेश कुमार जैन, राकेश कुमार जैन, प्रमोद कुमार जैन, भारत भूषण जैन, अशोक जैन, डा. जितेंद्र कुमार जैन, नितिन जैन, प्रमोद जैन, आमिर हाशिम, राकेश जैन मौजूद रहे।