दरअसल, अखिलेश यादव के बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर दिए गए एक बयान पर आकाश आनंद ने पलटवार किया था। मायावती के भतीजे आनंद ने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए कहा था कि जेल में कौन कैद है, कौन जेलर है। आनंद ने कहा था कि ये बात वो कह रहे हैं, जिनके चाचा और रामपुर वाले अंकल आज तक ये नहीं समझ पाए कि वो एसी कमरे से बाहर क्यों नहीं निकलते। आनंद ने यहां तक कहा कि जिनके कार्यकर्ता ये पूछने की हिम्मत नहीं कर सकते कि वे दोपहर दो बजे सोकर क्यों उठते हैं, वह अखिलेश यादव न जाने किस भ्रम में हैं।
आनंद ने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मुलायम सिंह यादव और अखिलेश की कई पुरानी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि इन तस्वीरों में आपके हावभाव सारी कहानी खुल के बयां कर रहे हैं। इसके जवाब में अब्दुल्ला ने भी पीएम नरेंद्र मोदी के साथ बसपा प्रमुख मायावती की तस्वीर शेयर करते हुए कहा है कि तस्वीरों की बात है तो तस्वीरें तो सबकी हैं। अब्दुल्ला ने अपने ट्वीट में कहा है कि काफी समय से उन नेताओं की तस्वीर तलाश रहा हूं जो आजकल सुबह उठते ही एसी-एसी चिल्लाने लगते हैं। लेकिन एक तस्वीर भी ऐसी नहीं मिली सकी, जिसमें वो खुद हाथ के पंखे से हवा करते दिखाई दिए हों, बिना एसी की गाड़ी के दिखाई दिए हों। संघर्ष के लिए जेल गए हों या जनहित के लिए सड़क पर निकले हों।
क्या है पूरा मामला
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कुछ दिन पहले लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बसपा प्रमुख मायावती को लेकर कहा था कि वो भाजपा से नहीं लड़ रही हैं, वो तो अपनी बनाई हुई एक जेल में बंद हैं। उनका जेलर दिल्ली में बैठा हुआ है। अखिलेश यादव का यह तंज मायावती के भतीजे और बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद को रास नहीं आया। उन्होंने ट्वीट कर अखिलेश पर पलटवार करते हुए उन्हें भ्रम का शिकार नेता बताया था।