डीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुने और शिकायतों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराएं। समाधान दिवस में कुल 35 शिकायती प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए, जिसमें से तीन का मौके पर निस्तारण किया गया। डीएम को अवगत कराया कि विरासत में नाम दर्ज कराने के नाम पर सुविधा शुल्क न दिए जाने के कारण विरासत दर्ज नहीं हो पा रही है, जिस पर डीएम ने एसडीएम को जांच के निर्देश दिए।
इस दौरान जमीनी विवाद, राजस्व विभाग, विद्युत, चकबंदी, पूर्ति विभाग आदि से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई। तहसील सदर में सीडीओ नंद किशोर कलाल की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 16 शिकायतें प्राप्त हुई और चार शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील टांडा में एडीएम वित्त एवं राजस्व हेम सिंह की अध्यक्षता में 20 शिकायतें प्राप्त हुई। इनमें से चार शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील स्वार में एडीएम प्रशासन डाॅ. नितिन मदान की अध्यक्षता में आठ शिकायतें प्राप्त हुई और एक शिकायत का मौके पर निस्तारण किया गया।
बिलासपुर में 11 शिकायतें प्राप्त हुई और दो शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। इसके अलावा तहसील मिलक में 16 शिकायतें प्राप्त हुई, जिसमें से दो शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। इस मौके पर तमाम अधिकारी मौजूद रहे।