हाईवे पर दुर्घटना बहुल्य क्षेत्रों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया जाता है। ब्लैक स्पॉट रामपुर में खास तौर पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। दुर्घटनाएं आमतौर पर जल्दबाजी में गंतव्य तक पहुंचने में होती है। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर आए दिन रात में जल्दबाजी में सड़क पार करने के चक्कर में लोग अपनी जान गवां बैठते हैं। इसके साथ ही दूसरा नैनीताल रोड पर भी ब्लैक स्पाॅट लोगों के लिए खतरा बने हैं। यहां पर खुले कट से लोग अभी भी गुजर रहे हैं, जो हादसे का सबब बनते हैं।
इसी तरह पसियापुरा समेत अन्य स्थानों पर ब्लैक पर भी आए दिन हादसे हो रहे हैं। जिले में परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी और एनएचईआई की ओर से हाईवे पर 19 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इनकी हालत को सुधारने के लिए कई बार प्रशासन की ओर से पेंच कसा गया है, लेकिन यहां पर बजट की कमी को बताकर ब्लैक स्पाॅट की हालत को सुधारने का कोई काम नहीं हुआ है।
अब इस मामले में ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। विभाग की ओर से ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए 2.50 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी है। इस धनराशि से इन स्थानों का चौड़ीकरण होगा साथ ही कटों को भी बंद किया जाएगा।
यह हैं रामपुर के ब्लैक स्पॉट
कोसी जीरो प्वाइंट, पसियापुरा तिराहा, अजीतपुर ओवरब्रिज,आगापुर बाईपास, अलीनगर जनूवी, लोहा पट्टी, धमोरा कट, मेघानगला,जीरो प्वाइंट, टोनर कट, राणा शुगर मिल करीमगंज, कस्बा भोट, शादी की मढैया, रहटगंज, समौदिया गांव, चीमा पैलेस रांसडंडिया, मुंशीगंज, पीलाखार पुल और सीकमपुर चौराहा।
340 हादसे सालभर में, 261 ने गंवाई जान
जिलेभर में हाईवे पर चिह्नित 19 ब्लैक स्पॉट पर वर्ष 2024 करीब 340 हादसे हुए है। इनमें करीब 261 लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हो गए। इन हादसों में ज्यादातर हादसे पसियापुरा,कोसी जीरो प्वाइंट और शहजादनगर जीरो प्वाइंट वाला इलाका रहा है।
- जिले के 19 ब्लैक स्पाॅट को खत्म करने के लिए विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव की स्वीकृति के बाद इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए अभी शासन से मंजूुरी का इंतजार किया जा रहा है।
-कृष्णवीर सिंह,
अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग