आलियागंज में हुए बवाल में जेल में बंद जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम को मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया। अदालत ने अब्दुल सलाम को 7 मई तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिया। इस बीच निचली अदालत से उनकी जमानत याचिका खारिज हो गई। अब्दुल सलाम की ओर से अब सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की जाएगी।
आलियागंज में मकान तोड़ने के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम को 24 अप्रैल को पुलिस ने हिरासत में लिया था। उन पर बलवा, हत्या के प्रयास, 7 क्रिमिनल ला एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में पुलिस ने रिपोर्ट की है। मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे अचानक कचहरी परिसर में पुलिस फोर्स बढ़ा दिया गया। कुछ देर के बाद ही पुलिस पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम को लेकर न्यायालय पहुंची।
अब्दुल सलाम की ओर से उनके अधिवक्ता ने जमानत अर्जी दाखिल की। अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत का विरोध किया गया, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को राजनीतिक षडयंत्र के तहत पुलिस ने झूठा फंसाया है। अब्दुल सलाम ने किसी तरह अपराध नहीं किया है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद द्वितीय अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन अरविंद कुमार वर्मा ने अब्दुल सलाम की जमानत