जिले में सोमवार को समायोजित शिक्षकों को वेतन की खुशी मिली। हालांकि ये खुशी आधी-अधूरी रही। सभी समायोजित शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन न हो पाने के कारण सैकड़ों समायोजित शिक्षकों का वेतन जारी नहीं हो सका। इससे समायोजित शिक्षकों में रोष है।
समायोजित शिक्षकों ने विभागीय लिपिक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक झटके में समायोजित शिक्षक के पद से सड़क पर आए शिक्षामित्रों के लिए इसी माह की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के समायोजन पर रोक के आदेश पर स्टे दे दिया था।
इसके बाद समायोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान की राह भी खुल गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति मिलने पर सरकार की ओर से वेतन जारी करने का आदेश दिया गया। सोमवार को जिले में करीब एक हजार से अधिक समायोजित शिक्षकों का वेतन जारी कर दिया गया।
शेष समायोजित शिक्षकों का वेतन जारी नहीं किया गया है। इन समायोजित शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं हो सका है। आधे-अधूरे समायोजित शिक्षकों का वेतन जारी होने से समायोजित शिक्षकों में रोष है। शिक्षकों ने सोमवार को प्रभारी बीएसए सद्दीक अहमद को ज्ञापन सौंपकर प्रमाणपत्रों के शीघ्र सत्यापन कराने और वेतन भुगतान की मांग की। विभागीय लिपिक पर लापरवाही का आरोप लगाया।