उत्तर प्रदेश वाल्मीकि महासभा ने नगर विकास मंत्री आजम खां पर की गई टिप्पणी के विरोध में साध्वी प्राची के खिलाफ प्रदर्शन किया। साध्वी का पुतला फूंककर विरोध जताया। वाल्मीकि महासभा के कार्यकर्ता सोमवार को गांधी समाधि पर पहुंचे। उन्होंने साध्वी प्राची के खिलाफ प्रदर्शन किया।
देर प्रदर्शन के बाद प्राची का पुतला तैयार किया और आग के हवाले कर दिया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि साध्वी प्राची को नगर विकास मंत्री आजम खां के खिलाफ टिप्पणी करने से पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। साध्वी प्राची की बोली आतंकवादी की गोली से भी ज्यादा खतरनाक है।
आरएसएस देश में सांप्रदायिकता फैलाने का काम कर रहा है। जब-जब चुनाव नजदीक आता है आरएसएस को राम मंदिर की याद आने लगती है। साध्वी प्राची आजम खां के खिलाफ गलत बयानबाजी कर अपनी राजनीति चमकाना चाहती हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि आजम खां के खिलाफ गलत बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुतला फूंकने वालों में महामंत्री सोनू कठेरिया, अमित वाल्मीकि, अंश कठेरिया, राहुल वाल्मीकि, मन्नू वाल्मीकि, शीवांग वाल्मीकि, सिमरन वाल्मीकि, राम वाल्मीकि, अतुल वाल्मीकि, विशाल वाल्मीकि, प्रशांत राजौर, नितिन कठेरिया, रुपेंद्र वाल्मीकि, आशीष वाल्मीकि, मोनू वाल्मीकि, अखिलेश वाल्मीकि, अरुण वाल्मीकि, अनिल वाल्मीकि, सुमित वाल्मीकि शामिल थे।