रामपुर। आरटीई के तहत पहले दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जाता था लेकिन इस बार शासन की ओर से सख्त कदम उठाया गया है। यदि किसी अभिभावक ने फर्जी आय प्रमाणपत्र लगाया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
आरटीई योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजाेर बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिया जाता है। इस बार आरटीई में लगाए गए आय प्रमाणपत्रों की रैंडम जांच कराने का निर्णय लिया गया है। अब तक की व्यवस्था में यदि किसी छात्र का आय प्रमाणपत्र फर्जी पाया जाता था तो केवल उसका आवेदन रद्द कर दिया जाता था। इससे गलत तरीके से लाभ लेने वालों के हौसले बुलंद हो जाते थे।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि फर्जी प्रमाणपत्र पाए जाने पर अभिभावक के साथ-साथ प्रमाणपत्र जारी करने वाले लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज होगी। इससे गलत तरीके से प्रवेश लेने वालों में कमी आएगी और जो इसके असली हकदार हैं उन्हें आसानी से प्रवेश मिल सकेगा।
आरटीई के तहत आए आवेदनों की जांच की जाएगी। इसके साथ ही तहसील से जारी प्रमाणपत्रों की रैंडम जांच हाेगी। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज प्रमाणपत्र के नंबरों का तहसील रिकॉर्ड से मिलान कराया जाएगा। दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। -कल्पना देवी, बीएसए