रामपुर। ग्राम पंचायत किशनपुर मौलागढ़ में कार्य कराए बिना मनरेगा मद से 16 लाख 14 हजार की धनराशि हड़पने के मामले में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।विकास खंड स्वार की ग्राम पंचायत किशनपुर मौलागढ़ के ग्रामीणों ने कुछ माह पहले जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत गांव में बिना विकास कार्य कराए लाखों रुपये हड़प लिए गए हैं। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता नलकूप खंड रामपुर व उप कृषि निदेशक रामपुर को जांच के आदेश दिए थे।
जांच के दौरान टीम ने पाया कि अमरपाल के खेत से रामगोपाल के खेत तक 350 मीटर गूल खुदाई कार्य, सुबेक सिंह के खेत से मेंन रोड तक 525 मीटर गूल खुदान कार्य, हरप्रीत के खेत से सर्वजीत के खेत तक 420 मीटर गूल खुदान कार्य, कुलवंत सिंह के खेत से सुबेक सिंह के खेत तक 500 मीटर गूल खुदान कार्य, सर्वजीत सिंह के खेत से बख्शीश सिंह के खेत तक 871 मीटर चकबंद कार्य, मुख्य मार्ग से कमलजीत के खेत तक 800 मीटर चकबंद कार्य नहीं कराया गया।
मनरेगा के तहत बिना विकास कार्य कराए हुए 16 लाख 14 हजार रुपये निकाल लिए गए। टीम ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी थी। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के आदेश दिए, जिसके चलते बीडीओ की ओर से ग्राम प्रधान इकबाल हुसैन, ग्राम पंचायत सचिव राजीव कुमार, सहयोगी रोजगार सेवक जफर व विजेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
आरोपियों में विजेंद्र सिंह की मौत हो चुकी है। कोतवाल संदीप त्यागी ने बताया कि सरकारी धन का गबन करने के मामले में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की विवेचना शुरू की जा रही है। इस मामले में ग्राम प्रधान इकबाल का कहना है कि षड्यंत्र के तहत उन्हें फंसाया जा रहा है।