नोडल अधिकारी ने द फैमिली क्लीनिक संचालक समेत दो पर दर्ज कराई प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। थाना शहजादनगर क्षेत्र के शंकरपुर में स्थित द फैमिली क्लीनिक में हुई गर्भ में शिशु की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्लीनिक संचालक समेत झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
थाना क्षेत्र के मेघानगला गांव निवासी अमित कुमार डीएम को दिए शिकायती पत्र में कहा कि उन्होंने अपनी चाची को प्रसव का उपचार के लिए 14 जनवरी को शंकरपुर स्थित द फैमिली क्लीनिक में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने नार्मल प्रसव की बात कहते हुए अस्पताल में भर्ती कर लिया। मगर गर्भवती की हालत ज्यादा खराब होने पर महिला चिकित्सक ने रामपुर ले जाने को कहा।
पीड़ित गर्भवती को रामपुर ले आया। जिसके बाद रामपुर में निजी चिकित्सक के अस्पताल में भर्ती कराया जिसके बाद चिकित्सक ने महिला के पेट में ही बच्चे की मौत हो जाने की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद परिजनों ने शहजादनगर थाने में पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। डीएम से शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। बुधवार को नोडल अधिकारी देवेश चौधरी ने अस्पताल संचालक मुकीम अहमद और डॉक्टर रूबी के खिलाफ शहजादनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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इंजेक्शन से महिला की मौत के मामले नहीं हुई कार्रवाई
रामपुर। शहजादनगर थाना क्षेत्र के झुनईया गांव निवासी रामवती करीब (42) सर्दी-जुखाम से ग्रस्त थी। 24 जनवरी को जसमौली गांव स्थित एक निजी क्लीनिक पर दवाई लेने गई थीं। आरोप है कि वहां मौजूद चिकित्सक ने दवाई देने के साथ ही इंजेक्शन था। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर में महिला की हालत बिगड़ने लगी जिसके बाद चिकित्सक खुद महिला को लेकर शहर के एक अस्पताल आया। जहां पर महिला को मृत घोषित कर दिया और चिकित्सक मौके से फरार हो गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। संवाद
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गर्भ में शिशु की मौत के मामले अस्पताल संचालक समेत दो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम जसमौली गांव स्थित क्लीनिक पर भी गई थी लेकिन झाेलाछाप क्लीनिक बंद करके फरार हो चुका है। जिले में झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। -डॉ. दीपा सिंह, सीएमओ