लकड़ी कारोबारी मंडी शुल्क ही नहीं वाणिज्य कर की भी चोरी कर रहे हैं। टैक्स न देने और नियमों का उल्लंघन करने पर लकड़ी की 65 फर्मों के रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिए। वाणिज्य कर विभाग ने निरस्त फर्मों की सूची मंडी समिति को भेज दी है।
लकड़ी के कारोबार में मंडी शुल्क की ही चोरी नहीं हो रही है। वाणिज्य कर विभाग को भी हर महीने लाखों का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अमर उजाला ने लगातार इस मुद्दे पर खबरें प्रकाशित कर रहा है। अधिकतर फर्म संचालक मंडी समिति से गेट पास तो हासिल कर लेते हैं पर वाणिज्य की अदायगी नहीं करते। इस खेल में वाणिज्य कर के अधिकारी भी शामिल हैं। अधिकारी टैक्स वसूलने के बजाए डिफाल्टर फर्मों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर नए नाम से दूसरा रजिस्ट्रेशन कर देते हैं। इस साल भी टैक्स न देने और नियमों का उल्लंघन करने पर वाणिज्य कर विभाग ने लकड़ी की 65 फर्मों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया।
रामपुर मंडी समिति के सचिव गजेंद्र सिंह त्यागी ने बताया कि वाणिज्य कर विभाग से उन्हें 72 फर्मों का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की सूची मिली है। उनमें 65 फर्में लकड़ी की हैं। वाणिज्य कर की रिपोर्ट मिलने के बाद मंडी समिति ने इन फर्मों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया। वाणिज्य कर विभाग ने इस साल भी कई और नई फर्मों का रजिस्ट्रेशन किया है, उनकी भी सूची मिल गई है।