रामपुर। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध और शनिवार के बंद के एलान के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 600 लोगों को रेड कार्ड जारी किया है और 155 हिरासत में लिए गए हैं। संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते पूरे जिले में 53 मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है। कई कंपनी पीएसी और आरएएफ मंगाई गई है।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में मुसलमानाने रामपुर की ओर से शनिवार (21 दिसंबर) बंद और हर तहसील की ईदगाह में जलसे का आयोजन करने का ऐलान किया है। इस एलान के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। प्रशासन ने कार्यक्रम के आयोजकों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक जारी शासनादेश का हवाला देकर चेतावनी दी है कि किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में पूरी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। बंद और विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए डीएम-एसपी ने उलेमा के साथ बैठक की। जिलाधिकारी ने बताया कि उलेमा ने जलसे को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने का आश्वासन दिया है। जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह और एसपी डॉ. अजयपाल ने संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि पूरे जिले में धारा 144 लागू है। ऐसे में सभी नागरिकों का कर्तव्य है कि वह कानून का पालन करें। कानून का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। एसपी ने बताया कि सभी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि किसी भी घर की छत पर ईंट-पत्थर नहीं जमा होने चाहिए। खुले में पेट्रोल की बिक्री करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने कहा कि पुलिस ने सभी से अपील की है कि शांति बनाए रखें। अपने घर के आगे भीड़ को जमा नहीं होने दें। क्योंकि अगर किसी के घर के आगे उग्र भीड़ जमा होती है उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि पुलिस रुट मार्च कर रही है। आरएएफ और पीएसी की कई कंपनियां मंगाई गई हैं, जो शुक्रवार शाम तक पहुंच जाएंगी। एसपी ने कहा कि हमारी तैयारी पूरी है। प्रदर्शनकारियों पर ड्रोन कैमरे से निगाह रखी जाएगी। इसके अलावा वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई होगी, गैंगस्टर की धारा भी लगाई जाएगी। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली की जाएगी।