रामपुर। रामपुर नगरपालिका परिषद के पूर्व के चेयरमैन अजहर अहमद खां की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। किला परिसर में नियम विरुद्ध तरीके से दुकानों का निर्माण कराने के मामले में शासन ने उनसे 1.31 करोड़ रुपये की रिकवरी के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही जौहर यूनिवर्सिटी में ट्यूबवेल के मामले में रिकवरी की राशि का आकलन कर उसकी वसूली के आदेश दिए गए हैं। अब जिलाधिकारी ने आजम खां के रिसोर्ट में लगाए गए ट्यबवेल के मामले में तत्कालीन पालिकाध्यक्ष अजहर खां और तत्कालीन ईओ के खिलाफ रिकवरी की संस्तुति शासन से कर दी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह ट्यूबवेल ग्रामीण पेयजल योजना के तहत लगाई गई थी, लेकिन वहां कोई गांव नहीं है। इसके बाद ट्यूबवेल को नगरपालिका को स्थानांतरित कर दिया गया। ट्यूबवेल का सारा खर्च नगरपालिका उठाती थी, जिससे राजस्व का नुकसान हुआ है। इस मामले में रिकवरी की सिफारिश की गई है। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि रिसोर्ट में नलकूप खंड का जो ट्यूबवेल लगा था वह पसियापुरा गांव के लिए था। तत्कालीन विधायक ने इसे स्थानांतरित करा लिया था, जो नियम विरुद्ध है। इस ट्यूबवेल से सिर्फ एक किसान (आजम खां) को पानी मिला है। उन्होंने बताया कि इस मामले में निर्देश दिया गया है कि जो अधिकारी-कर्मचारी इसके लिए जिम्मेदार हैं उनको चिंहित किया जाए।