रामपुर। आरडीए को पहली गेटबंद टाउनशिप के भूखंड के लिए खरीदार नहीं मिल रहे हैं। आरडीए ने 1289 भूखंड के लिए आवेदन मांगे थे। एक बार आवेदन जमा करने की तिथि भी बढ़ाई गई। इसके बाद भी मात्र 475 लोगों ने यहां भूखंड के लिए आवेदन किया। भमरौवा व पहाड़ी आदि में आरडीए अपनी पहली टाउनशिप को विकसित कर रहा है। शासन और रेरा से अनुमति मिलने के बाद आरडीए ने 1289 प्लॉट के लिए भूखंड नीलामी खोली थी। आरडीए की इस पहली आवासीय योजना को तीन साल में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था।
आठ अक्तूबर से 10 नवंबर तक आवेदन मांगे गए थे। बाद में जिलाधिकारी ने ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन करने की 15 नवंबर तक बढ़ा दी थी। इस अवधि में आवेदन अधिक प्राप्त होने की उम्मीद थी। लेकिन, कुल 1289 भूखंडों के सापेक्ष मात्र 475 लोगों ने ही इस कॉलोनी में भूखंड खरीदने के लिए आवेदन किया। आरडीए अभी तक इन भूखंड का आवंटन नहीं किया है।
इस दौरान कई लोगों ने आरडीए की कॉलोनी को देखा। लोगों का आरोप था कि आरडीए ने अभी तक वहां काम नहीं कराया है। दीवार का काम कछुआ गति से चल रहा है। सड़क बनना अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
आरडीएम टाउनशिप विकसित कर अगर नीलामी करता तो आरडीए के सभी भूखंड बिक जाते। उधर, आरडीए के एई मनोज सिसोदिया ने बताया कि भूखंड के लिए अभी 475 आवेदन प्राप्त हुए हैं। टाउनशिप की बाउंड्री का कार्य किया जा रहा है।