रामपुर। अमेरिका की साउथर्न सेंड डिजाइन कंपनी के मालिक रोमन कोडी फोस्टर, औषधि व्यवसायी मार्कस कोच और मार्केटिंग विशेषज्ञ क्रिस इसाक ने कहा है कि उनके देश में रामपुर की पहचान रजा लाइब्रेरी की वजह से है।
अमेरिका से आए लोग बुधवार को पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां व इंटैक रूहेलखंड चैप्टर के सह संयोजक काशिफ खां के साथ रजा लाइब्रेरी पहुंचे। यहां लाइब्रेरी के निदेशक प्रोफेसर हसन अब्बास और सैय्यद तारिक अजहर ने स्वागत किया और प्रकाशन भेंट किए। अमेरिकी लोगों ने वाल्मीकि रामायण, हजरत अली का हस्तलिखित कुरआन और दीवान-ए-गालिब देखकर हैरत जताई। उन्होंने लोहारू कलेक्शन और कार्यशाला में पांडुलिपियों के संरक्षण का कार्य भी देखा। रोमन कोडी फोस्टर, मार्कस कोच और क्रिस इसाक ने कहा कि अमेरिका में रामपुर की पहचान रजा लाइब्रेरी की वजह से है। अमेरिका में रजा लाइब्रेरी की बहुत साख है। उनके देश के शोधकर्ता इस पुस्तकालय से लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामपुर के नवाबों ने रजा लाइब्रेरी की स्थापना कर बहुत ही सराहनीय कार्य किया है।