डेंगू फोबिया को कम करने और अनावश्यक जांच पर शिकंजा कसने के लिए सीएमओ ने मंगलवार को जिले भर के पैथालॉजिस्ट के साथ मीटिंग की। इसमें डेंगू जांच की फीस कम करने के निर्देश दिए गए। रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिसनर की एडवाइस के बिना उपरोक्त जांच न करने के निर्देश दिए हैं।
सेल्फ या अपंजीकृत चिकित्सक की सलाह पर उपरोक्त जांच नहीं होंगी। किसी भी पैथालॉजी लैब में बुखार पीड़ित में डेंगू की पुष्टि होने पर सूचना सीएमओ कार्यालय को देने के निर्देश दिए गए हैं। जिले भर में इन दिनों बुखार का प्रकोप है। कई डेंगू आशंकित भी सामने आ चुके हैं।
बुखार के बाद डेंगू के मामले भी सामने आने से बुखार पीड़ितों में डेंगू का डर बढ़ गया। पैथालॉजी लैब पर डेंगू और प्लेटलेट्स काउंट की जांच कराने वालों की संख्या भी बढ़ गई। सीएमओ को इस संबंध में शिकायत मिली कि कुछ पैथालॉजी लैब बिना पंजीकृत चिकित्सक की सलाह के भी उपरोक्त जांच कर रहे हैं।
अनावश्यक रूप से भय का माहौल बनाते हुए डेंगू और प्लेटलेट्स जांच के लिए उकसाया जा रहा है। सीएमओ डा. शंकर लाल सारस्वत ने मंगलवार को पैथालॉजी लैब संचालकों के साथ मीटिंग की। सभागार में हुई मीटिंग में सीएमओ ने सभी पैथालॉजी लैब संचालक को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि डेंगू और प्लेटलेट्स की अनावश्यक जांच नहीं की जाएगी।
सीएमओ ने बताया कि जिले में डेंगू की जांच की फीस भी 600 रुपये निर्धारित कर दी गई है। अभी तक इसके लिए 700-800 रुपये तक लिए जा रहे थे। सीएमओ ने बताया कि इस बात की पुष्टि करने के लिए कि डेंगू की अनावश्यक जांच नहीं हो रही हैं कुछ ही दिनों में लैबों का निरीक्षण भी किया जाएगा।