रामपुर में बजट के अभाव में अधूरा बना राजकीय प्रशिक्षण संस्थान ।
समाजवादी पार्टी की सरकार में मंजूर हुआ नेशनल ट्रेनिंग सेंटर अब तक पूरा नहीं हो सका है। 38.60 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए विभाग को अभी 8.16 करोड़ रुपये की और दरकार है। यह पैसा न मिलने की वजह से प्रोजेक्ट अधर में लटका हुआ है। राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान में अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक को प्रशिक्षण मिलेगा। यह उत्तर प्रदेश का एक मात्र प्रशिक्षण संस्थान है। प्रदेश में कोई ट्रेनिंग सेंटर न होने की वजह से यहां के अफसरों और जनप्रतिनिधियों को दूसरे प्रदेशों को जाना पड़ता है। लिहाजा, अफसरों और जनप्रतिनिधियों को अपने प्रदेश में ही प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से सपा सरकार में नगर विकास मंत्री रहे आजम खां ने रामपुर में राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान को मंजूूरी दिलाई थी। करीब तीन साल पहले मंजूर हुए प्रोजेक्ट दो साल पहले काम भी शुरू हो गया था।
शुरुआत में शासन ने ट्रेनिंग सेंटर के लिए 30.44 करोड़ रुपये जारी किए थे, जिसे पूरा करने का जिम्मा कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज की यूनिट को दिया गया। 38.60 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के लिए शासन से मिला पूरा धन खर्च हो चुका है। अब भी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 8.16 करोड़ रुपये की दरकार है। इसको लेकर विभाग की ओर से लगातार शासन से धन की मांग की जा रही है, ताकि प्रोजेक्ट को पूरा किया जा सके, लेकिन सरकार से धन नहीं मिल पा रहा है।
सीएंडडीएस के महाप्रबंधक एमके निरंजन ने बताया कि प्रशिक्षण संस्थान का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। कुछ काम रह गया, जिसके लिए शासन से धन की मांग की जा रही है। धन मिलते ही शेष कार्य पूरा कर प्रोजेक्ट को जिला प्रशासन को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।