किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान न देने पर प्रशासन ने राणा शुगर मिल में शीरा बेचे पर रोक लगा दी गई है। चीनी के साथ-साथ शीरा बेचकर किसानों को भुगतान दिलाया जाएगा। साथ ही मिल को नोटिस भी भेजा गया है। चीनी मिलों ने इस बार भी गन्ना मूल्य भुगतान में सुस्ती दिखाई।
कोई भी मिल किसानों को समय भुगतान नहीं कर सकी। प्रशासन ने जब सख्ती दिखाई तो इसका असर बिलासपुर और त्रिवेणी मिल पर दिखाई दिया। बिलासपुर ने शत प्रतिशत भुगतान कर दिया। खेतों से गन्ना सिमटने के बाद मिल बंद हो गई। त्रिवेणी भी अब तेजी से भुगतान कर रही है।
राणा शुगर फैक्ट्री पर प्रशासन के दबाव का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। चीनी मिल प्रबंधतंत्र के खिलाफ शाहबाद कोतवाली ने रिपोर्ट हो चुकी है। प्रशासन चीनी को भी अभिरक्षा में ले चुका है। चीनी बेचकर किसानों को गन्ने का भुगतान दिलाया जा रहा है। इसके बाद भी मिल पर किसानों के 55 करोड़ रुपये बकाया हो गए हैं।
गन्ना आयुक्त ने भी भुगतान के लिए मिल को नोटिस भेजा। इतनी कार्रवाई के बाद भी जब मिल नहीं चेती को लिहाजा डीएम ने अब राणा का शीरा भी प्रतिबंधित कर दिया। शीरा अब प्रशासन की मौजूदगी में बेचा जाएगा। शीरे की बिक्री से भी किसानों को भुगतान दिलाया जाएगा।
दूसरी ओर जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुशवाहा ने मिल फिर नोटिस जारी किया है। मिल बंदी से पहले किसानों को शत प्रतिशत भुगतान के निर्देश दिए हैं।