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Rampur: लगातार तात्रिकों के दर-दर भटकते रहे, 24 घंटे बाद महिला ने तोड़ दिया दम, सोते समय सांप ने डस लिया था

Sat, 16 Aug 2025 05:30 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, शाहबाद (रामपुर)

सार

रामपुर के शाहबाद में सांप से डसने के बाद महिला को परिजन झाड़-फूंक कराने के लिए इधर-उधर भटकते रहे। इसके चलते महिला ने दम तोड़ दिया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया है।  
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तंत्र मंत्र के चक्कर में रामवती की माैत हो गई - फोटो : संवाद
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विस्तार
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नवाबपुरा गांव के रहने वाले नन्हू की पत्नी रामवती (30) की मौत झाड़-फूंक के चलते हो गई। बुधवार रात को वह बच्चों संग जमीन पर सो रही थी। इस बीच उसे जहरीले सांप ने डस लिया। चीखपुकार सुनकर परिजन जागे लेकिन उन्हें सीधे अस्पताल ले जाने के बजाय पहले पड़ोसी गांव शाहपुर देव फिर संभल और बदायूं बिसौली के हकीमों और झाड़-फूंक करने वालों के पास ले गए।

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करीब चार-पांच घंटे का कीमती समय इसी झाड़-फूंक में बर्बाद हो गया। महिला की हालत बिगड़ती रही और आखिरकार शुक्रवार को जब रामवती को बदायूं जिला अस्पताल पहुंचाया गया। तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

ग्रामीणों के अनुसार रामवती बुधवार रात को अपने बेटे शिवम और बेटी तपस्या के साथ जमीन पर सो रही थी। करीब दो बजे सांप ने महिला के पेट पर डस लिया। सांप के डसने के बाद महिला के जब दर्द हुआ तो महिला ने चीखपुकार मचा दी। परिवार के लोग तुरंत पड़ोसी गांव शाहपुर देव गांव में हकीम के यहां ले गए।
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यहां पर कई घंटे तक महिला का झाड़-फूंक कर इलाज कराया गया। महिला की हालत बिगड़ती चली गई। बाद में महिला के परिजन संभल के एक गांव में हकीम के यहां इलाज को ले गए। यहां भी महिला की हालत ओर अधिक बिगड़ गई। बाद में महिला के मायके पक्ष के लोग बृहस्पतिवार को बदायूं के बिसौली ले गए।

बिसौली में भी इलाज कराया गया। दो दिनों तक इसी झाड़-फूंक के बाद आखिर में परिजन शुक्रवार के दिन महिला को बदायूं जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने महिला को देखकर मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार शाम को महिला के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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डेढ़ माह में दो मौतों ने परिवार को दिया बड़ा सदमा
नवाबपुरा गांव के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दो जुलाई को रामवती के बेटे सूरज (14) की बीमारी के दाैरान गलत इंजेक्शन लगने से हो गई थी। इसके बाद 14 अगस्त को रामवती की भी मौत सांप के डसने और समय पर सही इलाज न मिलने के कारण हो गई।

डेढ़ माह के भीतर मां-बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है। घर में अब रामवती के दो छोटे बच्चे के ऊपर से मां का साया उठ चुका है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई परिवार की इस पीड़ा को देखकर गमगीन है।

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