उन्होंने मौजूद एसडीएम मयंक गोस्वामी, पुलिस क्षेत्राधिकारी और कोतवाली प्रभारी से पुलिस द्वारा उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए हिरासत में लिए व्यापारियों को छोड़ने की मांग की। बाद में तय हुआ कि पैसे के लेनदेन का कार्य केवल लाइसेंस धारक ही करेंगे और जिनके लाइसेंस रिनुअल के लिए गए हुए हैं वह जब तक रिनुअल होकर नहीं आएंगे, तब तक वह लोग ब्याज का कार्य नहीं करेंगे तथा किसी का भी किसी तरह उत्पीड़न नहीं करेंगे। सभी लाइसेंस धारक अपने लाइसेंस की छाया प्रति कोतवाली में जमा कराएंगे। बाद में पुलिस ने चारों कारोबारियों को छोड़ दिया। इस मौके पर व्यापारी अतिन अग्रवाल, संजीव रस्तोगी, सर्वेश रस्तोगी, पंकज अग्रवाल, हरदेव रस्तोगी, जगदीश पाल, संजयरस्तोगी, मनोज रस्तोगी, अमित रस्तोगी, अंशुल अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
पुलिस कार्रवाई से बच निकले सफेदपोश
पुलिस सूत्रों के अनुसार ब्याज के उत्पीड़न से परेशान कुछ लोगों ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी कि नगर में कुछ लोग अवैध रूप से बिना लाइसेंस के पैसे के लेनदेन का कार्य कर रहे हैं। वह लोग से भारी ब्याज वसूल रहे हैं और विरोध करने पर उनका जबरदस्त मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। कुछ लोगों ने आत्महत्या करने की नौबत आने तक की बात अधिकारियों से शिकायत के रूप में कही थी। उच्च अधिकारियों ने मामले की जांच उप जिलाधिकारी व पुलिस क्षेत्राधिकारी को दी थी। एसडीएम ने भी नायब तहसीलदार अमरपाल सिंह से मामले की जांच कराई थी, लेकिन जांच पूरी नहीं हो सकी।
मंगलवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी ने भी कोतवाली प्रभारी के साथ छापामार कार्रवाई की। कोतवाली में मौजूद लोगों में चर्चा थी कि पुलिस ने ब्याज पर पैसे देने का कार्य करने वाले लोगों की तरफ नजर उठाकर भी नहीं देखा है। जबकि, पुलिस केवल सर्राफ का कारोबार करने वाले लाइसेंस धारकों को ही परेशान करती रही। लोगों में चर्चा थी कि पुलिस ने जांच के दौरान जांच के रुख को गलत दिशा में मोड़ दिया और ऐसे में सूदखोरी का अवैध कार्य करने वाले असली सफेदपोश पूरी तरह से बच निकले हैं।
सराफा कारोबारियों के बचाव में जताया आक्रोश
पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह द्वारा बिना लाइसेंस सराफ कारोबारियों के खिलाफ अवैध सूद वसूलने की कार्रवाई की गई। पुलिस द्वारा चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की सूचना पाकर भाजपा जिला उपाध्यक्ष चित्रक मित्तल, पूर्व पालिका अध्यक्ष प्रमोद कुमार जौहरी, व्यापार मंडल के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष धन्नूमल बंसल, नगर अध्यक्ष हरवंश सिंह तनेजा, राजेश कुमार सैनी, रितेश अग्रवाल आदि आदि संभ्रांत लोग कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने एसडीएम व सीओ तथा कोतवाली प्रभारी से वार्ता का मामले को निपटवाया।
पूरे तराई में फैला है सूदखोरों का मकड़जाल
सूदखोरी के मकड़जाल में फंसे लोगों का कहना है कि ब्याज बट्टे का अवैध रूप से कारोबार नगर व क्षेत्र में मकड़जाल की तरह फैला हुआ है। तमाम लोग अवैध रूप से इस कारोबार में जुटे हुए हैं। लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार से जुड़े लोगों ने कुछ सफेदपोशों से भी अपने संबंध स्थापित कर अवैध कारोबार के ऑफिस भी खोल रखे हैं। इसके अलावा तमाम लोग अपने अपने ठिकानों से ब्याज बट्टे का काम कर लोगों का शोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि सूदखोरी के उत्पीड़न से परेशान तमाम लोग आए दिन पुलिस प्रशासन से शिकायत भी करते हैं, मगर कोई भी उनकी शिकायत को नहीं सुनता। उन्होंने पूरे तहसील क्षेत्र में ही नहीं बल्कि पूरे तराई क्षेत्र में सूदखोरी का अवैध कारोबार फैलने की बात कही है।
कुछ लोगों ने अवैध रुप से बिना लाइसेंस के ब्याज पर पैसों का लेनदेन का कारोबार करने वाले लोगों द्वारा उत्पीड़न करने की शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। जिसके सापेक्ष में पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है। -अरुण कुमार सिंह, सीओ बिलासपुर