रामपुर के भोट थानाक्षेत्र में सड़क हादसे में महिला सिपाही की मौत के बाद थाने में तैनात अन्य महिला सिपाहियों ने थानाध्यक्ष पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। महिला सिपाही का वीडियो वायरल होने के बाद महकमे में खलबली मची हुई है। शनिवार सुबह भोट थाने में तैनात महिला सिपाही की ड्यटी में जाते समय सड़क हादसे में मौके पर ही मौत हो गई थी।
सहकर्मी की असामयिक मौत के बाद महिला पुलिस कर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई थी। वहीं, पोस्टमार्टम को शव रामपुर जिला चिकित्सालय में पहुंचने पर महिला पुलिसकर्मियों का दर्द झलक आया। इस दौरान उन्होनें भोट थानाध्यक्ष पर महिला पुलिस कर्मियों के शोषण का आरोप लगाया। महिला पुलिस कर्मी द्वारा अपना दर्द बयां करते हुए वीडियो वायरल हुआ है।
वायरल वीडियो में महिला पुलिस कर्मी ने आरोप लगाया है कि थाने में मौजूद 17 महिला पुलिस कर्मियों का थानाध्यक्ष द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है। आरोप है कि महिला पुलिस कर्मियों की समस्या को थानाध्यक्ष द्वारा नहीं सुना जाता है। आदेश है कि महिला पुलिस कर्मी सीयूजी नंबर पर बात नही करेंगी। अवकाश स्वीकृत होने के बाद भी पहले थाने बुलाकर बारह बजे तक ड्यूटी कराई जाती है, फिर रवानगी की जाती है।
नियमानुसार छुट्टी स्वीकृत होने पर रवानगी दोपहर बारह बजे करने के आदेश है, लेकिन थानाध्यक्ष द्वारा महिला पुलिस कर्मियों की भी रवानगी रात आठ बजे की जाती है। थाने में मौजूद महिला पुलिस कर्मियों द्वारा रविवार सुबह थाने में आयोजित मीटिंग के दौरान भी थानाध्यक्ष द्वारा परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने की चर्चा होती रही।
वहीं, थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि उन्हें थाने का चार्ज लिये दो माह हो गए हैं। इस दौरान उन्होंने किसी भी महिला पुलिस कर्मी का उत्पीड़न नहीं किया है। महिला पुलिस कर्मी 12 घंटे की ड्यूटी में तथा गणना में रियायत चाहती है जिसके लिए उनसे उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देशों से अवगत कराते हुए अपनी समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराने को कहा गया था। महिला पुलिस कर्मियों द्वारा झूठा व मनगढंत आरोप लगाया जा रहा है।