रामपुर बुशहर। टैक्स माफी की मांग को लेकर निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। इस वजह से क्षेत्र के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लगातार दूसरे दिन भी निजी बसें नहीं चलने से ग्रामीण क्षेत्र के उन लोगों को अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ रही है, जहां पर सरकारी बसों की आवाजाही कम है। ऐसे में लोगों को निजी वाहनों और टैक्सियों से आवाजाही करनी पड़ी।
इस दौरान मंगलवार को दूसरे दिन भी निजी बस ऑपरेटर यूनियन की हड़ताल जारी रही। रामपुर के नए बस अड्डे में ऑपरेटरों ने बसें खड़ी कर दी हैं। कोरोना महामारी के दौर में निजी बस ऑपरेटर सरकार की जारी 50 प्रतिशत सवारियां बैठाने पर सहमति जताई है। प्रदेश सरकार से निजी बस ऑपरेटर कोरोनाकाल का टैक्स माफ करने की मांग कर रहे हैं।
मंगलवार को निजी बसें नहीं चलने से रामपुर के चौधरी अड्डे और नए बस अड्डे पहुंचे यात्रियों को काफी परेशानियों को झेलना पड़ा। महामारी को देखते हुए परिवहन निगम ने भी अपने रूटों में कटौति की है। इस कारण यात्रियों को बस सेवा के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। कई रूटों के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
निजी बस ऑपरेटर यूनियन रामपुर के अध्यक्ष अध्यक्ष मनीष शर्मा, उपाध्यक्ष विशाल राणा, कुलवीर सिंह गिल, हरमेंद्र शर्मा, विक्रम सिंह, निखिल सांख्यान, तेंजिन, योगेश शर्मा, राकेश मेहता, दीगु ठाकुर और राकेश सहित अन्यों ने कहा कि कोरोना महामारी से निजी बस ऑपरेटरों को खासा आर्थिक नुकसान हुआ है।
इस प्रकार से सरकार ने अन्य कई क्षेत्रों में राहत दी है, उसी तरह निजी बसों का भी अगस्त 2020 से 31 मार्च तक का टैक्स माफ किया जाना चाहिए, ताकि निजी ऑपरेटर राहत मिल सके। अध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया कि सरकार और विभाग से चर्चा का दौर चल रहा है। मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही उचित कदम उठाकर राहत देगी।