रल्ली के पास एनएच-5 बहाल होने के बाद वाहनों की आवाजाही होते हुए
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सांगला/ रिकागपिओ। जिला किन्नौर में कुदरत ने खूब कहर बरपाया है। तीन दिनों से मौसम यहां आफत बनकर बरस रहा है। अप्रैल माह में लोगों को बर्फबारी से निजात मिलती नहीं दिख रही है। इससे लोगों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। निचार ब्लॉक के जानी सड़क में पहाड़ी से पत्थर गिरने से 15 भेड़-बकरियों की मौत हो गई है। जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया है। बर्फबारी और बारिश से जिले में 34 सड़कें बाधित है तो वहीं 174 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। जिले में बेमौसम बर्फबारी और बारिश से 24 घंटे में 35 लाख के नुकसान का अनुमान है। हालांकि संचार सुविधाएं ठप होने से अभी तक जिले में नुकसान का अनुमान नहीं लगाया जा सका है।
बर्फबारी के कारण जिले के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित है, तो कई सड़कें यातायात के लिए ठप है। उपायुक्त किन्नौर हेमराज बैरवा ने कहा कि समूचे किन्नौर में हुए नुकसान का आकलन आना अभी बाकी है। 24 घंटे में 35 लाख तक का नुकसान आंका गया है। इसमें लोक निर्माण विभाग को 31.4 लाख का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त बर्फबारी से सेब के 500 पौधों को क्षति पहुंची है। पांगी नाले में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। वहीं निचार के यंगपा-1 में जमीन धंसने से एक व्यक्ति के मकान को नुकसान पहुंचा है।
जिले में 34 संपर्क मार्ग बर्फबारी और भूस्खलन के कारण बंद हैं। इसके अलावा बिजली विभाग के 174 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। इससे दर्जनों पंचायतों में बिजली की आपूर्ति बाधित है। जिले के ऊंचे इलाकों में करीब 45 सेंटीमीटर ताजा हिमपात हुआ है। रिकांगपिओ में 3 इंच तक ताजा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है।
हिमपात और बारिश से बिजली के तार, सेब की फसल और अन्य फलदार पौधों को नुकसान पहुंचा है। स्पीलो, पांगी नाला और टापरी में बाधित मार्ग को बहाल करने के लिए बीआरओ और लोक निर्माण विभाग जुटी है। डीसी किन्नौर ने बताया कि जिले में बिजली के तारों, पत्थर और पेड़ों के गिरने से 440 में 174 ट्रांसफार्मर बंद हैं। लोगों की निजी संपत्ति जैसे घर और सेब के पौधे का नुकसान हुआ है, इसके लिए राजस्व विभाग को दिशा-निर्देश दिए गए हैं, कि नुकसान का आकलन करके डिस्ट्रिक इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को भेजें, ताकि लोगों को नुकसान का मुआवजा मिल सके।