नवाब खानदान की संपत्ति के बंटवारे प्रकरण में बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में प्रस्तावित विभाजन योजना प्रस्तुत की गई। जिसमें करीब 143 पन्नों में सभी पक्षकारों को हर चल-अचल संपत्ति में हिस्सा प्रस्तावित किया गया है। भूमि में कितने हेक्टेयर रकबा किसे कहां मिलेगा और मूल्यांकन प्रक्रिया में तय किस भवन, सामान आदि की कितनी कीमत किस पक्षकार को मिलेगी यह ब्योरा प्रस्तावित विभाजन योजना में शामिल है।
रामपुर में नवाब खानदान की करीब 2600 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है, जिसके बंटवारे की प्रक्रिया जिला जज की कोर्ट में चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2019 में शरीयत के हिसाब से बंटवारा करने के आदेश दिए थे। बंटवारे की जिम्मेदारी जिला जज को सौंपी थी। लेकिन, पिछले साल से अब तक कोरोना संक्रमण के कारण न्यायालय संबंधी कार्य भी प्रभावित रहे, जिस कारण निर्धारित समय अवधि में यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। लेकिन, अब यह प्रक्रिया कोर्ट में रफ्तार पकड़ चुकी है। बृहस्पतिवार को कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान सभी पक्षकारों को कहां-कहां संपत्ति मिलेगी इसको लेकर तैयार की गई प्रस्तावित विभाजन योजना कोर्ट में प्रस्तुत की गई। इस पर अब सभी पक्षकारों से आपत्ति भी मांगी गई है।
प्रस्तावित विभाजन योजना में चल व अचल संपत्ति को दो भागों में रखकर हर संपत्ति में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सभी पक्षकारों के शेयर (अंश) के अनुसार आधार पर हिस्सा दिया गया है। जिसमें सभी पक्षकारों को सभी संपत्ति में हिस्सा प्रस्तावित किया गया है। कोई भी चल-अचल संपत्ति पक्षकार वार प्रस्तावित नहीं की गई है, यानी किसी भी पक्षकार को एक ही संपत्ति का पूरा हिस्सा नहीं दिया गया है बल्कि सभी पक्षकारों को सभी संपत्तियों में उनके शेयर के आधार पर हिस्सा प्रस्तावित किया गया है।
विभाजन योजना में अचल संपत्ति में किन-किन प्रमुख संपत्तियों पर दी गई योजना
खास बाग पैलेस, मंसूरपुर गांव, बेनजीर उर्फ घाटमपुर गांव, शादीनगर पट्टी छोटे गांव, एवान ए रफत खासबाग पैलेस का मुख्य भवन और भवन के सभी फिटिंग्स, फल, टिंबर ट्री, बेनजीर बाग, अलीगंज बेनजीर, किशनपुर अटरिया व पसियापुरा शुमाली, बेनजीर भवन सभी फिक्सचर, फिटिंग्स व फलों के पेड़ सहित, नवाब रेलवे स्टेशन की भूमि, नवाब रेलवे स्टेशन, कुंडा, ठोठर, भीतरगांव, मंगोली और शाहबाद की भूमि, शाहबाद किले भवन फिटिंग्स और फिक्सचर, आर्म्स, कार, एयर कंडीशनिंग प्लांट व अन्य आइटम।
चल संपत्ति में 4843.96 लाख रुपये की संपत्ति को बांटा गया है
सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित शेयर के आधार पर प्रस्तावित विभाजन योजना में प्रत्येक पक्षकार को हर चल-अचल संपत्ति में हिस्सा प्रस्तावित किया गया है। संपत्तियों की जो कीमत आंकी गई है, उस कीमत के आधार पर चल-अचल रूप में हर संपत्ति में प्रत्येक पक्षकार को हिस्सा प्रस्तावित कर दिया गया है।
- एडवोकेट हर्ष गुप्ता, 11 पक्षकारों के अधिवक्ता
अभी विभाजन योजना का अध्ययन कर रहा हूं, जिस कारण विस्तार से तो कुछ नहीं कह सकता। लेकिन, प्रस्तावित विभाजन योजना में पूरी चल-अचल संपत्ति के अलग-अलग मूल्यांकन के आधार पर हर संपत्ति में प्रत्येक पक्षकार के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित शेयर के आधार पर हिस्सा प्रस्तावित किया गया है।
- एडवोकेट संदीप सक्सेना, दो पक्षकारों के अधिवक्ता
मूल्यांकन से लेकर सर्वे तक की प्रक्रिया में भी लगा था लंबा समय
रामपुर रियासत के अंतिम नवाब रजा अली खां की चल-अचल संपत्ति के 18 पक्षकारों में बंटवारे की प्रक्रिया के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पिछले साल सर्वे व संपत्तियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू हुई थी। दो पक्षकारों के अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि सर्वे की प्रक्रिया पिछले साल फरवरी माह के आसपास शुरू हुई थी। वहीं संपत्तियों का मूल्यांकन कोरोना संक्रमण के कारण प्रभावित रहा और करीब साल की मध्यावधि जुलाई माह से मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू हुई। जिसमें संपत्ति का मूल्यांकन करीब 2600 करोड़ से अधिक की आंकी गई।
प्रस्तावित विभाजन योजना में 18 पक्षकारों को दिया गया है हिस्सा
प्रस्तावित विभाजन योजना में 18 पक्षकारों को हिस्सा प्रस्तावित किया गया है। दो पक्षकारों का निधन हो चुका है। हालांकि विभाजन योजना पर मौजूदा समय में सभी 16 पक्षकारों की सहमति बन जाती है तो इसके बाद इन दो पक्षकारों की संपत्ति को लेकर निर्णय किया जा सकता है। 11 पक्षकारों के अधिवक्ता हर्ष गुप्ता ने बताया कि जिन दो पक्षकारों का निधन हो चुका है उन्हें भी प्रस्तावित विभाजन योजना में हिस्सा दिया गया है। जिस पर बाद में निर्णय लिया जा सकता है। संभवत: बाद में शेष पक्षकारों में शरीयत के अनुसार इसे बांटा जा सकता है, हालांकि उस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया। इस पर बाद में ही निर्णय लिया जा सकेगा।