दूसरा पक्ष बोला- जानकारी नहीं
दूसरे पक्ष गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी शहीद बाबा दीप सिंह जी कार सेवा नवाबगंज के सदस्य लखविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस-प्रशासन द्वारा ट्रस्टी पक्ष को गुरुद्वारे में बैठाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वह इस समय बाहर हैं।
आला अधिकारी की थी एक पक्ष में विशेष रुचि
गुरुद्वारे के संचालन विवाद दरअसल एक प्रशासनिक अफसर के दखल से बिगड़ा। हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के आदेश की पालना न होने पर नाराजगी जताई थी। लेकिन, हाईकोर्ट की अगली सुनवाई से पहले प्रशासन ने सिविल जज के आदेश की पालना कर दी।
यह था विवाद
गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह के संचालन को लेकर ट्रस्टी सतनाम कौर (ट्रस्टी पक्ष) और गुरुद्वारा प्रबंधक (गुरमीत पक्ष) के बीच विवाद था। ट्रस्टी पक्ष का कहना था, गुरुद्वारा उनके खेत गाटा नंबर 57 में हैं और इसका संचालन ट्रस्ट करता है। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ने उनके पक्ष में निर्णय दिया है।
वहीं, गुरमीत सिंह पक्ष का दावा था कि गुरुद्वारा गाटा संख्या 56 में है। दावा था-शासन के आदेश पर बनी जांच कमेटी की रिपोर्ट इसकी पुष्टि करती है। 15 सितंबर को हुए बवाल के बाद प्रशासन ने गुरुद्वारे को अपने नियंत्रण में ले लिया था। तब से रामपुर के ग्रंथी धार्मिक कार्यों का संचालन कर रहे थे।
ट्रस्टी पक्ष को गुरुद्वारे का संचालन सिविल जज के आदेश 09 जुलाई और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश 11 अगस्तके अनुसार सौंपा गया है। -अजय कुमार द्विवेदी डीएम, रामपुर