रामपुर। शहर में 20 दिसंबर से शुरु होने वाले रामपुर महोत्सव में रामपुर के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत झलकेगी। इसके लिए कार्यक्रम तैयार कर लिया गया है, जिसमें मणिपुर, पश्चिम बंगाल, पंजाब, मुंबई समेत विभिन्न स्थानों के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही किले की दीवार पर लेजर और लाइटिंग शो होगा, जिसमें रामपुर का इतिहास दिखाया जाएगा।
बुधवार को कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने मीडिया से बात की। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि इस बार रामपुर महोत्सव में रामपुर के साथ ही देश और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत झलकेगी। महोत्सव 20 दिसंबर को शाम चार बजे से शुरु होगा, जिसमें मुख्य अतिथि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख रहेंगे। इसके बाद 45 मिनट का लाइट एवं लेजर शो होगा, जिसमें किले की दीवार का रामपुर का इतिहास दिखाया जाएगा। इसे मुंबई के कलाकार तैयार कर रहे हैं, जिसे किले में कहीं भी खड़ा होकर देखने पर एक जैसा दिखाई देगा। इसके साथ ही रामपुर एवं मुरादाबाद के छात्रों का बैंड परफारमेंस देगा। सखावत हुसैन की गजलें सुनाई देंगी, तो हरिओम पवार सरीखे कवि अपनी काव्य रचनाएं पेश करेंगे। हर दिन अलग-अलग कार्यक्रम होंगे, जिसे विशेष थीम के रूप में तैयार किया गया। महोत्सव में रामपुर के कलाकारों के साथ ही दूसरे प्रदेशों के कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे, जिसमें मुंबई, पंजाब, मणिपुर, पश्चिम बंगाल, राजस्थान समेत विभिन्न स्थानों के कलाकार आएंगे। इसके बाद तिथिवार कार्यक्रम होंगे, जिसका कार्यक्रम तैयार हो गया है। महोत्सव 15 जनवरी तक चलेगा। यहां किसानों, व्यापारियों, युवाओं, दिव्यांगों, बेटियों, वृद्धों आदि सभी से संबंधित कार्यक्रम होंगे। पूरी कोशिश है कि इस बार का रामपुर महोत्सव कुछ अलग हो। इसमें पतंगबाजी भी होगी। पांच जनवरी को एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश के वीर जवानों की गाथाएं पेश की जाएंगी। सल्कि मेला, पुस्तक मेला, कृषि प्रदर्शनी, संगीत समागम, ग्राम पंचायतों एवं नगर पालिकाओं के स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।