यह फैसला एमपीएमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां के अधिवक्ताओं की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर दिया। कोर्ट ने सपा नेता के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाते हुए कहा है कि जेल प्रशासन राजनीतिक कैदियों के लिए निर्धारित मैनुअल के हिसाब से सुविधा प्रदान करें। यदि दोनों को रामपुर जेल से दूसरी जेल में स्थानांतिरत करना है तो इससे पहले कोर्ट से अनुमति जरूर ले।
इसके अलावा कोर्ट ने आजम खां की अब्दुल्ला को साथ में रखने की अनुमति भी दे दी है। इस मुकदमे के वादी एवं शहर विधायक आकाश सक्सेना के अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि कोर्ट ने अपने प्रार्थना पत्र पर फैसला सुना दिया है। गौरतलब है कि सपा नेता आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां को दो पैन कार्ड मामले में सात साल की सजा सुनाई गई थी। उनकी ओर से कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया गया था , जिसमे उन्होंने जेल में एक साथ रखने के साथ ही ए कैटागिरी की जेल में रखने की मांग की थी।