गंज थाने में तैनात हेड कांस्टेबल मोहम्मद उमर (36) ने खुद को कमरे में बंद कर सरकारी पिस्टल से गोली मार ली, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह कमरे का दरवाजा खोला तो उमर लहूलुहान शव बाहर निकाला। पुलिस ने उनके पास से सुसाइड नोट भी बरामद किया है।
इसमें उन्होंने खुद को डिप्रेशन का शिकार बताया है। पुलिस ने आत्महत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद की है। घटना की जानकारी पाकर परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए। हेड कांस्टेबल अमरोहा के जोया के रहने वाले थे।
अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र के जोया निवासी मोहम्मद उमर बृहस्पतिवार की सुबह ड्यूटी पर तैनात थे। सुबह करीब 11 बजे वह थाने में ही स्थित अपने कमरे पर चले गए। इस बीच थाना प्रभारी ने उनको बुलाने के लिए पुलिसकर्मियों को भेजा तो वह दफ्तर में नहीं थे।
इसके बाद पुलिसकर्मियों को उनके सरकारी आवास पर भेजा गया। पुलिसकर्मियों ने दरवाजा खोला तो वह बिस्तर पर वर्दी में ही लहूलुहान अवस्था में पड़े थे। उनकी कनपटी से खून निकल रहा था। यह नजारा देखकर पुलिसकर्मी सकते में आ गए।
आनन फानन मामले की सूचना थानाध्यक्ष को दी गई। सूचना पाकर वह भी हेड कांस्टेबल के सरकारी आवास पर पहुंच गए। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस के आला अफसरों को दी गई।
सूचना मिलते ही एसपी विद्या सागर मिश्र, एएसपी अतुल श्रीवास्तव व सीओ सिटी जितेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद घटना की जानकारी परिजनों को दी गई।
पुलिस को घटनास्थल के पास से एक सुसाइड नोट और आत्महत्या में प्रयुक्त पिस्टल मिली है। फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई। दोपहर में परिवार के लोग भी थाने पहुंच गए। पुलिस ने बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उमर 2011 में पुलिस में भर्ती हुए थे। आत्महत्या के पीछे उनका मानसिक रूप से परेशान होना बताया गया है। सुसाइड नोट में भी इसका जिक्र किया गया है। वह दो दिन पहले ही तीन दिन की छुट्टी से लौटे थे।
हेड कांस्टेबल मोहम्मद उमर ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने खुद को डिप्रेशन का शिकार बताया है। उनकी कनपटी पर गोली लगी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
-अतुल श्रीवास्तव, एएसपी, रामपुर