रामपुर। जिले के किसान पुलिस को चकमा देकर दिल्ली पहुंच गए। उन्होंने यूनियन की टोपी और न ही बिल्ला लगाया। बल्कि आम यात्री बनकर ट्रेन में चढ़ गए। तमाम किसान अपने-अपने वाहनों से दिल्ली पहुंचे।
संयुक्त किसान मोर्चा का एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने समेत कई मांगों को लेकर दिल्ली में बृहस्पतिवार को आंदोलन था। आंदोलन में शामिल होने के लिए पूरे प्रदेश के किसानों को बुलाया गयाा। भाकियू ने कई दिन पहले इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। किसानों को गुप्त सूचना मिली कि पुलिस उन्हें दिल्ली जाने से रोकेगी। लिहाजा पुलिस से बचने के लिए किसानों ने नया हथकंडा अपनाया। भाकियू का न बिल्ला और न ही टोपी लगाई। बल्कि, आम यात्री की तरह एक- एक कर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। किसी ने टिकट लिया तो कई बिना टिकट ही दिल्ली जाने वाली ट्रेन में सवार हो गया। प्रदेश महासचिव हसीब अहमद के नेतृत्व में भी किसान किसान बिना टोपी और बिल्ले के रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। रेलवे स्टेशन पर पुलिस तैनात थी। यह देखकर किसान अलग- अलग बंट गए। जैसे ही ट्रेन आई तो दिल्ली के लिए सवार हो गए। प्रदेश महासचिव के साथ दिल्ली जाने वालों में मोहम्मद तालिब, यामीन खां, मनजीत सिंह अटवाल, सुखविंदर सिंह गिल, जसवीर सिंह रंधावा, चौधरी अजीत सिंह, जागीर सिंह,राम बहादुर यादव ,छिद्दा नेता, राजपाल चौधरी ,राशिद चौधरी, हुकम सिंह,मुस्तकीम, अशोक कुमार, अमन ,सुलेमान, गोपाल, अजय सागर, हरिओम रवि, दरियाव सिंह, खुशीराम यादव, विनोद यादव, सचिन पांडे, दिनेश, हरपाल, नीरज त्यागी, सलामत जान, अमीर अहमद शामिल रहे।