रामपुर बुशहर। कोरोनाकाल में नगर परिषद के अधीन कार्य कर रहे मजदूरों को तीन माह से वेतन की अदायगी नहीं हुई है। इस कारण श्रमिकों में नगर परिषद रामपुर की कार्यप्रणाली को लेकर खासा रोष है। शुक्रवार को सीटू के बैनर तले कार्यालय पहुंचकर मजदूरों ने नप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
नगर परिषद रामपुर की ठेका मजदूर यूनियन ने श्रमिकों को तीन माह से वेतन नहीं मिलने पर प्रदर्शन किया। इसको संबोधित करते हुए सीटू शिमला जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, रणजीत ठाकुर, यूनियन अध्यक्ष देवेंद्र और महासचिव ललिता ने कहा कि नगर परिषद के अधीन कार्य कर रहे सभी ठेका मजदूरों को लंबे समय से वेतन नहीं मिला है। इस संबंध में कई मर्तबा लिखित और मौखिक रूप से नगर परिषद, ठेकेदार और श्रम अधिकारी रामपुर को अवगत करवाया गया, लेकिन मजदूरों को अभी तक उनका मेहनताना नहीं मिल पाया है।
इस कारण मजदूरों को महामारी के दौर में आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। नगर परिषद प्रबंधन और ठेकेदार सरकारी आदेशों की खुली उल्लंघन कर रहे हैं। नप में कार्य कर रहे मजदूरों को न कोई आईकार्ड है और न ही उन्हें कोई वेतन स्लिप मिल रही है। रविवार की छुट्टी के अलावा उन्हें कोई अवकाश नहीं मिलता है। ईपीएफ और ईपीएफ का रिकॉर्ड तक नहीं रखा गया है। कई मजदूरों का ईपीएफ तक नहीं काटा गया है।
उन्होंने बताया कि मजदूरों को तीन माह से बिना वेतन परिवार को पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने चेताया कि अगर 15 जून तक मजदूरों को तीन माह का वेतन नहीं दिया जाता है तो, यूनियन उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और नगर परिषद प्रबंधन की होगी। इस मौके पर राजू राणा, शिवचरण, संजय, मोती राम, नीलम, सुशीला, ललिता, रजनी, मीना, सोमारी, सीता, उस्तानी, बीरमानिय, तारामनी और इतवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।