सपा नेता आजम खां से जुड़े दो मामलों में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया। सपा नेता को एक मामले में राहत मिली तो दूसरे में झटका लगा। पड़ोसी पर हमला करने के मामले में आजम, उनके बेटे अब्दुल्ला, भाई शरीफ अहमद और भतीजे बिलाल खां को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
रामपुर कोर्ट पहुंचे समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां ने कोर्ट के सामने अपना दर्द बयां किया। आजम ने कहा कि मैं बीमार हूं।इतना लंबा सफर अब नहीं हो पाता। इसलिए जब भी कोर्ट में उन्हें लाया जाए तो एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए। कोर्ट ने उनकी बात को गंभीरता से सुना और अफसरों को हिदायत दी कि पेशी के समय एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए।
सपा नेता आजम खां पड़ोसी पर हमले के मामले में सीतापुर जेल से रामपुर कोर्ट लाए गए थे, जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को हरदोई जेल से पेश किया गया था। केस की सुनवाई के दौरान सपा नेता ने कोर्ट के सामने अपना दर्द बयां किया। कहा कि पेश के दौरान एंबुलेंस की व्यवस्था कर दी जाए। इस पर कोर्ट ने अफसरों को आदेश दिए कि पेशी के वक्त एंबुलेंस की व्यवस्था रखें। किसी भी तरह की लापरवाही न करें।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते सपा नेता आजम खां के बड़े बेटे अदीब आजम अपने पिता से मिलने को बेताब दिखे, लेकिन वह सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें मिलने नहीं दिया। इससे वह काफी निराश दिखे। इसके अलावा समर्थक भी आजम से मिलने के प्रयास में थी, लेकिन वह भी नहीं मिल सके।
सपा नेता आजम खां और बेटे अब्दुल्ला आजम की कोर्ट में पेशी के वक्त सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। इस वजह से वकीलों को भी पुलिस ने अंदर जाने से रोक दिया। इससे वह भड़क गए। उन्होंने मामले की शिकायत जिला जज से की। सपा नेता आजम खां से जुड़े दो मामलों में शनिवार को फैसला आना है।
इसके लिए कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पेशी से पहले ही पुलिस ने वकीलों को भी कोर्ट से दूर रखा। इससे उनमें गुस्सा छा गया। वकीलों का कहना है कि उनके केस भी लगे हुए हैं। इसकी वजह से वह पैरवी नहीं कर पा रहे हैं।