रामपुर। बेटे-बहू की अगवानी और स्वागत की तैयारियां करते पिता को जब हादसे की सूचना मिली तो वह ग्रेटर नोएडा से बदहवास होकर रामपुर की ओर दौड़े। एक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। दूल्हा बने बेटे का शव उठाते समय पिता के हाथ कांप गए। बुढ़ापे का सहारा और घर का जिम्मेदार बेटा ऐसे चला जाएगा, उन्होंने सोचा भी न था। बहू का शव देखकर बिलख पड़े, बहू की मुंह दिखाई भी आंसुओं से की। बेटे-बहू के शव को लेकर धीरज के पिता शनिवार आधी रात के बाद रामपुर से रवाना हुए।
ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र के आछेपुर गांव निवासी धीरज के घर में शनिवार सुबह तक शादी की खुशियां थीं। रिश्तेदारों ने बताया कि धीरज के पिता सतवीर और मां अपने बेटे की शादी के बाद बेटे और बहू के स्वागत की तैयारियों में लगे हुए थे। रामपुर में हुए हादसे की सूचना से परिजन बदहवास हो गए। पिता आननफानन रामपुर के सफर पर निकल पड़े। धीरज के पिता रामपुर पहुंचे तो दोनों की मौत का दर्द आंखों में छलक रहा था। शवों का पोस्टमार्टम कराने तक वह गुमसुम बैठे रहे। जिला अस्पताल पहुंचने के बाद भी धीरज के पिता ने किसी से बातचीत नहीं की। कुछ देर बाद बोले, कोरोना काल में बरातियों की संख्या कम रखने के कारण वो और उनकी पत्नी अपने बेटे की बरात में भी नहीं गए थे। परिजनों ने बताया कि वो लोग घर पर ही बरात वापस आने पर बेटे-बहू के स्वागत की तैयारी कर रहे थे। एक हादसे ने उनकी खुशियां छीन लीं। बड़ा बेटा होने के कारण धीरज ही उनके बुढ़ापे का सहारा था। सतवीर ने पुलिस-प्रशासन से रात में ही शवों के पोस्टमार्टम कराने की मांग की। जिस पर पुलिस-प्रशासन इसकी अनुुमति दे दी। जिसके बाद सतवीर शनिवार देर रात तीन बजे अपने बेटे और बहू के शव को लेकर चले गए।