आजम खां और बेटे अब्दुल्ला को सजा
- फोटो : संवाद
क्या है मामला
शहर विधायक आकाश सक्सेना की ओर से सिविल लाइंस थाने में वर्ष 2019 में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी। इसमें विधायक ने कहा था कि अब्दुल्ला आजम खां द्वारा असत्य व कूट रचित दस्तावेज तथा विवरण के आधार पर पासपोर्ट बनवाया है। वह इसका उपयोग कर रहे हैं। पासपोर्ट संख्या जेड4307442 दस जनवरी 2018 है।
अब्दुल्ला आजम खां की जन्मतिथि शैक्षिक प्रमाण पत्रों हाईस्कूल बीटेक व एमटेक में एक जनवरी1993 अंकित है। पासपोर्ट संख्या जेड 4307442 में जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 अंकित है। पासपोर्ट का प्रयोग आर्थिक लाभ हेतु व्यापार व व्यवसाय संबंधी विदेश यात्राओं तथा विभिन्न संस्थाओं में पहचान पत्र के रूप में तथा विभिन्न पदों के आवेदन में किया गया है।
दूसरी ओर शैक्षिक प्रमाण पत्रों का प्रयोग भी आर्थिक लाभ हेतु शैक्षिक संस्थाओं की मान्यताओं व आईडी के लिए किया गया है। अब्दुल्ला आजम के शैक्षिक प्रमाण पत्र तथा पासपोर्ट का विवरण जन्मतिथि व जन्म स्थान विरोधाभासी है फिर भी अब्दुल्ला आजम सभी दस्तावेजों का प्रयोग जरूरत के अनुसार जानबूझकर अनुचित लाभ लेने के लिए कर रहे है।
केस में आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने असत्य विवरण अंकित पासपोर्ट संख्या जेड 4307442 बनवाया है जो जिसका दुरुपयोग किया जाना भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 तथा पासपोर्ट अधिनियम की धारा -12(1) एके अन्तर्गत दंडनीय अपराध है ।
आजम-अब्दुल्ला की सजा बढ़वाने को सेशन कोर्ट पहुंचा अभियोजन पक्ष
दो पैन कार्ड में सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। सात साल की सजा बढ़ाने की मांग को लेकर अभियोजन पक्ष की ओर से सेशन कोर्ट में अपील दायर की गई है। दूसरी ओर सजा के खिलाफ आजम के अधिवक्ताओं ने और राहत की मांग को लेकर कई तर्क दिए हैं।
सेशन कोर्ट अब इन दोनों बिंदुओं पर 23 दिसंबर को अपना फैसला सुना सकती है। दो पैन कार्ड में एमपी- एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पिछले दिनों सपा नेता आजम खां और अब्दुल्ला आजम को सात सात साल की सजा व 50-50 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी। इस मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले के खिलाफ अब सेशन कोर्ट में शरण ली है।
उनके अधिवक्ताओं की ओर से सेशन कोर्ट में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर की गई है। इसके साथ ही जमानत के लिए भी प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है, जिस पर सेशन कोर्ट में सुनवाई चल रही है।