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Rampur: जेल से रिहा होने के बाद पहली बार कोर्ट में पेश हुए अब्दुल्ला आजम, 29 मामलों में मिली अलग-अलग तारीख

Thu, 27 Feb 2025 08:21 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम हरदोई जेल से रिहा होने के बाद रामपुर कोर्ट पहुंचे। वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण 29 मामलों में सुनवाई नहीं हो सकी। किसानों की जमीन कब्जाने, क्वालिटी बार विवाद और डूब क्षेत्र से जुड़े मामलों में उन्हें अगली सुनवाई की अलग-अलग तारीखें मिली हैं। 
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रामपुर कोर्ट में वकीलों से बातचीत करते अब्दुल्ला आजम - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरदोई जेल से रिहा होने के बाद सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम बृहस्पतिवार को कोर्ट पहुंचे। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण उनसे जुड़े 29 मामलों में सुनवाई नहीं हो सकी। फिलहाल सभी मामलों में उनको अलग-अलग तारीख मिल गई है। सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम दो दिन पहले 42 मामलों में जमानत मिलने के बाद हरदोई जेल से रिहा हुए थे।

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रामपुर पहुंचने के बाद पहली बार वह स्थानीय कोर्ट पहुंचे। उन्होंने अपने वकीलों के साथ मंथन किया और कोर्ट में हाजिर हुए। वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने की वजह से उनसे जुड़े 29 मामलों में सुनवाई नहीं हो सकी। उनके अधिवक्ता जुबैर अहमद व नासिर सुल्तान के अनुसार किसानों की जमीन कब्जाने के 27 मामलों के साथ ही क्वालिटी बार कब्जाने और डूब क्षेत्र की श्रेणी परिवर्तन करने के मामले में सुनवाई होनी थी। 

अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। क्वालिटी बार कब्जाने के मामले में मुकदमा वादी गगन अरोड़ा भी कोर्ट नहीं पहुंचे थे। इस मामले में 29 मार्च की तारीख तय की गई है। यह मामला सिविल लाइंस थाने में क्वालिटी बार के स्वामी गगन अरोड़ा की ओर से 2019 में दर्ज कराया था।
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इस मामले में अब्दुल्ला के साथ ही उनकी मां तंजीन फात्मा को भी आरोपी बनाया गया है जबकि किसानों की जमीन कब्जाने से जुड़े 27 मामलों में 27 मार्च की तारीख लगी है। यह ममले अजीमनगर थाने में आलियागंज के किसानों ने दर्ज कराए थे,जिसमें सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा, बड़े बेटे अदीब आजम और जौहर ट्रस्ट से जुड़े सभी पदाधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।

डूब क्षेत्र का मामला शहर कोतवाली में पिछले साल लेखपाल की ओर से दर्ज कराया गया था। इस मामले की सुनवाई 29 मार्च को होगी। यह सभी मामले एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहे हैं।

वीसी के जरिए पेश हुए आजम, नहीं हो पाई सुनवाई

गवाह को धमकाने के साथ ही डूंगरपुर बस्ती को खाली कराने के मामले में सपा नेता आजम खां वीडियोकांफ्रेसिंग के जरिए कोर्ट में हाजिर हुए। कोर्ट में उनके मामले की सुनवाई होनी थी,लेकिन वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। गवाह को धमकाने के मामले में 12 मार्च जबकि डूंगरपुर मामले में तीन मार्च की तारीख तय की गई है।

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